जोजरी नदी प्रदूषण मामले में JPNT के 4 उद्यमी गिरफ्तार, कोर्ट से मिली जमानत; सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कार्रवाई तेज
जोधपुर की जोजरी नदी में प्रदूषण के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेपीएनटी (JPNT) से जुड़े चार उद्यमियों को गिरफ्तार किया। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और फटकार के बाद प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। हालांकि गिरफ्तारी के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी।
जोजरी नदी प्रदूषण मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। नदी में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जताई थी। इसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान प्रदूषण फैलाने के आरोप में जेपीएनटी से जुड़े चार उद्यमियों को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस और संबंधित विभागों की टीम ने मामले में दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और प्रदूषण फैलाने में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त करने का मुद्दा लंबे समय से स्थानीय लोगों और पर्यावरण संगठनों द्वारा उठाया जाता रहा है। नदी में औद्योगिक कचरे और रासायनिक अपशिष्ट के मिलने से आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पहले भी सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट की नाराजगी के बाद अब प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने और दोषी इकाइयों पर कार्रवाई करने की रणनीति बनाई है।
प्रशासन का कहना है कि जोजरी नदी के संरक्षण के लिए प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
