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जोधपुर में रंगाई-छपाई की 3 अवैध फैक्ट्रियां पकड़ी गईं, नालों के जरिए जोजरी नदी में छोड़ रहे थे दूषित पानी

 
जोधपुर में रंगाई-छपाई की 3 अवैध फैक्ट्रियां पकड़ी गईं, नालों के जरिए जोजरी नदी में छोड़ रहे थे दूषित पानी

जोधपुर में अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तीन फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। आरोप है कि इन इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को नालों और सीवर लाइन के जरिए जोजरी नदी में पहुंचाया जा रहा था। कार्रवाई के बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जोधपुर में रंगाई-छपाई इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर प्रशासन और पुलिस पहले भी कार्रवाई कर चुके हैं।

नालों के जरिए नदी में पहुंच रहा था पानी

जांच में सामने आया कि कपड़ों की रंगाई और छपाई के दौरान निकलने वाले रासायनिक पानी को निर्धारित तरीके से ट्रीट करने के बजाय नालियों और सीवर लाइन में छोड़ा जा रहा था। यही पानी आगे जाकर जोजरी नदी तक पहुंच रहा था।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इकाइयों की जांच की और वहां इस्तेमाल होने वाली मशीनरी तथा पानी निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया। प्रदूषण फैलाने के आरोपों को लेकर संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

पहले भी सामने आ चुका है बड़ा नेटवर्क

जोजरी नदी प्रदूषण मामले में पुलिस पहले भी कई रंगाई-छपाई इकाइयों के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। सितंबर में पुलिस ने छह और उद्यमियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 17 हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान 306 फैक्ट्रियां भी बंद कराई जा चुकी थीं।

एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने जोजरी नदी में रसायन पहुंचाए जाने की आशंका के बीच एक बोलेरो पिकअप जब्त की थी। वाहन से रंगाई-छपाई से जुड़ी सामग्री, रसायनों से भरे ड्रम और अन्य सामान बरामद किया गया था।

प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट भी सख्त

जोधपुर में अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों से होने वाले प्रदूषण का मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। जुलाई 2026 में हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। अदालत के सामने याचिका में आरोप लगाया गया था कि आवासीय इलाकों में चल रही अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषित पानी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।

नदी और आसपास के इलाकों पर असर की चिंता

जोजरी नदी में रासायनिक और प्रदूषित पानी पहुंचने को लेकर पर्यावरण और कृषि पर असर की चिंता लगातार सामने आती रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, जोधपुर, पाली और बालोतरा में कपड़ा रंगाई-छपाई इकाइयों से निकलने वाले रसायनों और अपशिष्ट के कारण नदियों और आसपास की कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

फिलहाल तीनों अवैध इकाइयों के संचालकों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच जारी है। पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रदूषित पानी को कितने समय से इस तरीके से बाहर छोड़ा जा रहा था और इसमें अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं।