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झुंझुनूं में अब 48 घंटे के अंतराल से मिलेगा पानी: मलसीसर डैम में कम हुआ वाटर लेवल, डिमांड से आधा ही स्टोरेज बचा

 
झुंझुनूं में अब 48 घंटे के अंतराल से मिलेगा पानी: मलसीसर डैम में कम हुआ वाटर लेवल, डिमांड से आधा ही स्टोरेज बचा

झुंझुनूं जिले में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। मलसीसर डैम में जलस्तर लगातार कम होने के कारण अब शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई का अंतराल बढ़ाया जा रहा है। पानी की कमी को देखते हुए अब लोगों को करीब 48 घंटे के अंतराल से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। जलदाय विभाग की ओर से पानी की उपलब्धता और मौजूदा स्टोरेज को देखते हुए सप्लाई व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।

मलसीसर डैम जिले के प्रमुख जल स्रोतों में शामिल है। वर्तमान में डैम में उपलब्ध पानी डिमांड की तुलना में काफी कम रह गया है। बताया जा रहा है कि यहां अब जरूरत के मुकाबले करीब आधा ही स्टोरेज बचा है। ऐसे में लगातार रोजाना पानी की सप्लाई करना मुश्किल हो रहा है।

जलस्तर घटने से बढ़ी परेशानी

मलसीसर डैम में पानी का स्तर कम होने के साथ ही झुंझुनूं में पेयजल व्यवस्था पर असर पड़ने लगा है। गर्मी और बारिश की कमी के कारण पानी की खपत तथा उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ रहा है। विभाग को सीमित पानी में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक सप्लाई पहुंचाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा जल भंडारण को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए सप्लाई के अंतराल को बढ़ाना जरूरी हो गया है। इसी वजह से 48 घंटे के अंतराल पर पानी देने की व्यवस्था की जा रही है।

डिमांड से आधा स्टोरेज

मलसीसर डैम में उपलब्ध पानी की मात्रा अब क्षेत्र की कुल मांग के मुकाबले काफी कम रह गई है। डिमांड से करीब आधा स्टोरेज बचने के कारण विभाग को पानी के इस्तेमाल को नियंत्रित करना पड़ रहा है। उपलब्ध पानी को प्राथमिकता के आधार पर वितरित करने की योजना बनाई जा रही है।

नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग इलाकों में तय अंतराल के अनुसार पानी पहुंचाया जाएगा। इससे लोगों को पहले की तुलना में अधिक समय तक पानी का इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग की कोशिश है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सभी क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था बनी रहे।

लोगों से पानी बचाने की अपील

पेयजल संकट को देखते हुए लोगों से पानी का इस्तेमाल सावधानी से करने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में पानी की बर्बादी रोकना बेहद जरूरी है। घरों में जरूरत के मुताबिक ही पानी इस्तेमाल करने और अनावश्यक खपत से बचने की सलाह दी गई है।

जलस्तर में सुधार होने तक सप्लाई व्यवस्था इसी तरह सीमित रह सकती है। वहीं, आने वाले दिनों में जल स्रोतों की स्थिति और उपलब्ध स्टोरेज की लगातार निगरानी की जाएगी। यदि पानी की उपलब्धता में सुधार होता है तो सप्लाई व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है।

फिलहाल झुंझुनूं में 48 घंटे के अंतराल से पानी मिलने की व्यवस्था लोगों के लिए नई चुनौती है। मलसीसर डैम में कम होता जलस्तर और सीमित स्टोरेज आने वाले दिनों में पेयजल प्रबंधन के लिए अहम रहेगा।