गुढ़ागौड़जी के प्रशासनिक और राजस्व मुकदमों को उदयपुरवाटी भेजने का विरोध, ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
झुंझुनूं जिले की गुढ़ागौड़जी तहसील के प्रशासनिक और राजस्व मुकदमों को उदयपुरवाटी उपखंड में स्थानांतरित करने के फैसले को लेकर विरोध तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुकदमों को उदयपुरवाटी उपखंड में भेजे जाने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गुढ़ागौड़जी क्षेत्र से जुड़े मामलों की सुनवाई पहले की तरह स्थानीय स्तर पर ही रखी जाए।
ग्रामीणों ने जताई परेशानी की आशंका
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक और राजस्व मामलों के लिए लोगों को पहले से ही काफी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में मुकदमों को उदयपुरवाटी स्थानांतरित करने से आम लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि किसानों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को बार-बार उपखंड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों होंगे।
जनप्रतिनिधियों ने भी किया विरोध
कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने प्रशासन के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए इस आदेश पर पुनर्विचार करे।
कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गुढ़ागौड़जी तहसील के प्रशासनिक और राजस्व मामलों को उदयपुरवाटी उपखंड में स्थानांतरित करने के आदेश को निरस्त किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फैसले पर ग्रामीणों में नाराजगी
मुकदमों के स्थानांतरण के फैसले के बाद से ही क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को कोई भी फैसला लेने से पहले स्थानीय लोगों की सुविधा और समस्याओं को ध्यान में रखना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है।
