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परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह के बलिदान दिवस पर होगा श्रद्धांजलि समारोह, शहीद स्मारक पर जुटेंगे लोग

 
परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह के बलिदान दिवस पर होगा श्रद्धांजलि समारोह, शहीद स्मारक पर जुटेंगे लोग

देश के वीर सपूत और परमवीर चक्र विजेता कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए 18 जुलाई को श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे शहीद स्मारक, कलेक्ट्रेट सर्किल पर होगा। समारोह में शहीद पीरू सिंह के अदम्य साहस और देश के प्रति उनके समर्पण को नमन किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान शहीद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही उनके वीरता और बलिदान की गाथा को याद करते हुए उपस्थित लोग देश सेवा के उनके जज्बे को सलाम करेंगे।

वीरता की मिसाल हैं पीरू सिंह

कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह भारतीय सेना के उन वीर योद्धाओं में शामिल हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

1948 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने अद्भुत साहस और वीरता का परिचय दिया था। दुश्मन के खिलाफ लड़ते हुए उन्होंने अपने अदम्य साहस से भारतीय सेना का गौरव बढ़ाया और देश के लिए शहीद हो गए।

समारोह में होंगे कई कार्यक्रम

18 जुलाई को आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि समारोह में सैन्य अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।

कार्यक्रम में शहीद पीरू सिंह के जीवन, सैन्य सेवा और बलिदान से जुड़े प्रसंगों को साझा किया जाएगा। युवाओं को उनके साहस और देशभक्ति से प्रेरणा लेने का संदेश दिया जाएगा।

नई पीढ़ी को मिलेगा प्रेरणा का संदेश

आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य देश के वीर जवानों के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। शहीदों की वीर गाथाएं युवाओं में राष्ट्रप्रेम और कर्तव्य भावना को मजबूत करती हैं।

उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शहीद पीरू सिंह को श्रद्धांजलि देने की अपील की है।

परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह का जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है। उनका बलिदान भारतीय सेना के इतिहास में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा। 18 जुलाई को होने वाला यह समारोह उनकी वीरता को याद करने और उन्हें सम्मान देने का अवसर बनेगा।