Aapka Rajasthan

झुंझुनूं में बेटियों की सुरक्षा बनी मिसाल, मनचलों में दिखने लगा पुलिस का डर

 
झुंझुनूं में बेटियों की सुरक्षा बनी मिसाल, मनचलों में दिखने लगा पुलिस का डर

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में अब स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सार्वजनिक स्थान पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित नजर आने लगे हैं। खासतौर पर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। सड़कों पर फब्तियां कसने वाले मनचलों में अब कानून का डर नजर आने लगा है। इसकी सबसे बड़ी वजह झुंझुनूं पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष सुरक्षा अभियान माना जा रहा है।

जिले में लंबे समय से छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शिकायतें सामने आती रही थीं। स्कूल और कोचिंग जाने वाली लड़कियों को रास्तों में मनचलों की हरकतों का सामना करना पड़ता था। कई सार्वजनिक पार्क और बाजार क्षेत्र भी महिलाओं के लिए असुरक्षित माने जाते थे। लेकिन अब पुलिस की लगातार कार्रवाई और निगरानी के चलते हालात तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं।

झुंझुनूं पुलिस ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित गश्त कर रही हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की मौजूदगी से अब मनचलों में डर का माहौल बना हुआ है और सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ की घटनाओं में कमी देखने को मिल रही है।

पुलिस प्रशासन ने कई स्थानों पर सादी वर्दी में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की है। इससे मनचलों पर नजर रखना आसान हो गया है। जो लोग पहले सड़कों पर छात्राओं को परेशान करते थे, अब वे पुलिस कार्रवाई के डर से ऐसी हरकतों से बच रहे हैं। कई मामलों में पुलिस ने युवकों को पकड़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की है।

छात्राओं और अभिभावकों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की है। कई छात्राओं का कहना है कि अब वे पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं। अभिभावकों का भी कहना है कि बेटियों को स्कूल और कोचिंग भेजते समय अब पहले जैसा डर महसूस नहीं होता। सार्वजनिक पार्कों और बाजारों में भी महिलाओं की आवाजाही बढ़ी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अभद्रता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं किसी प्रकार की परेशानी दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें।

झुंझुनूं में शुरू की गई यह पहल अब दूसरे जिलों के लिए भी उदाहरण बनती नजर आ रही है। लगातार सख्ती और जागरूकता अभियान के कारण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और अपराधियों में कानून का डर दिखाई देने लगा है। जिले में बेटियों की सुरक्षा को लेकर बदला यह माहौल लोगों के बीच सकारात्मक संदेश दे रहा है।