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राजस्थान पंचायत चुनाव: पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दो बहुओं को अलग-अलग वार्ड से टिकट, वार्ड-6 में भाजपा की अनामिका और कांग्रेस की सुशीला आमने-सामने

 
राजस्थान पंचायत चुनाव: पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दो बहुओं को अलग-अलग वार्ड से टिकट, वार्ड-6 में भाजपा की अनामिका और कांग्रेस की सुशीला आमने-सामने

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद चुनाव में पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार के परिवार की दो बहुओं को भाजपा ने अलग-अलग वार्ड से टिकट दिया है। वहीं, वार्ड नंबर 6 में भाजपा की अनामिका पूनिया और कांग्रेस की सुशीला सीगड़ा के बीच मुकाबला चर्चा में है। जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण इस चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक दलों के साथ स्थानीय नेताओं की भी नजर है।

पूर्व सांसद की दो बहुएं भाजपा के टिकट पर मैदान में

भाजपा ने पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की पुत्रवधुओं को जिला परिषद चुनाव में प्रत्याशी बनाया है। अनामिका पूनिया को वार्ड नंबर 6 से टिकट मिला है, जबकि हर्षिनी कुलहरी वार्ड नंबर 5 से चुनाव लड़ रही हैं। हर्षिनी पहले जिला प्रमुख रह चुकी हैं और भाजपा की जिला अध्यक्ष भी हैं। एक ही परिवार की दो महिलाओं को टिकट मिलने से जिले में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

वार्ड-6 में अनामिका बनाम सुशीला

झुंझुनूं जिला परिषद के वार्ड नंबर 6 में भाजपा की अनामिका पूनिया के सामने कांग्रेस ने सुशीला सीगड़ा को उतारा है। सुशीला झुंझुनूं पंचायत समिति की तीन बार प्रधान रह चुकी हैं और पहले भाजपा के टिकट पर मंडावा विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं।

टिकट नहीं मिलने के बाद सुशीला सीगड़ा ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। करीब सात साल बाद कांग्रेस में उनकी वापसी हुई है। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें वार्ड नंबर 6 से उम्मीदवार बनाया। इस तरह एक ही वार्ड में भाजपा और कांग्रेस के दो प्रत्याशियों के बीच मुकाबला स्थानीय राजनीति का प्रमुख विषय बन गया है।

जिला प्रमुख की कुर्सी पर भी नजर

झुंझुनूं में जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में जिला परिषद चुनाव में महिला उम्मीदवारों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, जिला प्रमुख का चयन केवल किसी एक वार्ड में जीत से तय नहीं होगा। इसके लिए जिला परिषद में दलों की सीटों की संख्या और चुनाव के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरण अहम होंगे।

भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए जिला परिषद में पर्याप्त समर्थन हासिल करना महत्वपूर्ण रहेगा। चुनाव परिणाम आने के बाद ही जिला प्रमुख के चयन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

परिवार और स्थानीय राजनीति पर टिकी नजरें

इस चुनाव में राजनीतिक परिवारों से जुड़ी महिलाओं के साथ अनुभवी स्थानीय नेताओं को भी टिकट मिला है। ऐसे में झुंझुनूं के मतदाताओं के सामने उम्मीदवारों की राजनीतिक पृष्ठभूमि, स्थानीय संपर्क और विकास से जुड़े मुद्दे अहम रहेंगे।

फिलहाल वार्ड नंबर 5 और 6 सहित जिला परिषद की दूसरी सीटों पर चुनावी गतिविधियां तेज हैं। अब सबकी नजरें मतदान और नतीजों पर रहेंगी, जिनसे जिले में जिला प्रमुख के चयन का रास्ता तय होगा।