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इस्लामपुर नाम बदलने पर सियासी घमासान तेज: विरोध में उतरे संगठन, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

 
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झुंझुनूं जिले के ऐतिहासिक गांव ‘इस्लामपुर’ का नाम बदलने को लेकर क्षेत्र में सियासी पारा चढ़ गया है। प्रस्तावित नाम परिवर्तन के फैसले के विरोध में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर इलाके में तनावपूर्ण सियासी माहौल बनता जा रहा है।

झुंझुनूं में विरोध प्रदर्शन

गुरुवार को झुंझुनूं में ‘इस्लामपुर संघर्ष समिति’ के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस फैसले को जनभावनाओं के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि गांव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सामाजिक संगठनों की नाराजगी

स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस्लामपुर का नाम सदियों पुराना है और इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान जुड़ी हुई है। नाम बदलने के कदम को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

संगठनों ने आरोप लगाया कि बिना व्यापक जनसहमति के इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस मुद्दे पर राजनीतिक दल भी आमने-सामने आ गए हैं। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। वहीं, समर्थक दलों का कहना है कि नाम परिवर्तन प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें नियमों का पालन किया जा रहा है।

संघर्ष समिति का ऐलान

‘इस्लामपुर संघर्ष समिति’ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाने की भी घोषणा की है।

प्रशासन की नजर

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की संभावना जताई जा रही है।

इस पूरे विवाद ने झुंझुनूं की सियासत को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज होने की संभावना है।