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8 महीने से लापता बहू की तलाश में पुलिस फेल, ससुर ने कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल शुरू की

 
8 महीने से लापता बहू की तलाश में पुलिस फेल, ससुर ने कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल शुरू की

झुंझुनूं जिले के पिलानी थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है। आठ महीने से लापता बहू की तलाश में पुलिस की कार्रवाई में कोई ठोस परिणाम नहीं मिलने के बाद उसके ससुर ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी।

ससुर ने बुधवार को कहा कि उनका विरोध पिलानी पुलिस की कार्यशैली और मामले में ढिलाई के खिलाफ है। उनका कहना है कि आठ महीने से उनकी बहू लापता है, लेकिन पुलिस ने अब तक इस मामले में गंभीर कदम नहीं उठाए। इसलिए उन्होंने यह अत्यंत कदम उठाते हुए अपने परिवार और न्याय की मांग के लिए भूख हड़ताल शुरू की है।

ससुर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बहू के लापता होने के बाद उन्होंने कई बार थाने में शिकायत दर्ज करवाई, मगर अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि परिवार मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी परेशान है, और पुलिस की ढिलाई के कारण उनका विश्वास कानून व्यवस्था पर डगमगा गया है।

पिलानी पुलिस ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और जांच में कई पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे मामले की व्यक्तिगत निगरानी करें और जल्द से जल्द बहू की खोज में सफलता हासिल करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि लापता व्यक्ति के मामलों में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक होती है। इससे न केवल परिवार को न्याय मिलता है, बल्कि समाज में पुलिस और प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।

जिला प्रशासन ने ससुर को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया गया है और पुलिस टीम को मामले की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ससुर की भूख हड़ताल की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन उन्हें हर संभव सुविधा और सहायता प्रदान करेगा।

स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि परिवार और समाज को न्याय मिले और ऐसे मामलों में भविष्य में देरी न हो।

इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि पुलिस या प्रशासन की कार्रवाई धीमी और अपर्याप्त रही, तो परिवार ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। ससुर की भूख हड़ताल समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि मानव जीवन और न्याय के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

झुंझुनूं जिले में यह मामला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय समुदाय के लिए संवेदनशील चुनौती बन गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर हैं कि वह जल्द से जल्द बहू की खोज करे और परिवार को न्याय दिलाए।