काटली नदी पुनर्जीवन के लिए जन अभियान तेज, लोगों की बढ़ी भागीदारी
राजस्थान के सीकर जिले में बहने वाली काटली नदी के पुनर्जीवन को लेकर जन अभियान तेजी पकड़ रहा है। लंबे समय से उपेक्षा और घटते जलस्तर के कारण प्रभावित इस नदी को फिर से जीवंत बनाने के लिए अब स्थानीय स्तर पर लोगों की सक्रिय भागीदारी बढ़ रही है।
अभियान के तहत विभिन्न सामाजिक संगठन, पर्यावरण प्रेमी और ग्रामीण बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं। नदी के पुराने प्रवाह मार्ग को साफ करने, अतिक्रमण हटाने और जल संचयन संरचनाओं को मजबूत करने के लिए लगातार श्रमदान किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि काटली नदी कभी क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती थी, लेकिन समय के साथ इसका प्रवाह कमजोर हो गया और कई हिस्सों में नदी सूखने जैसी स्थिति बन गई। अब इस अभियान का उद्देश्य नदी को फिर से उसके प्राकृतिक स्वरूप में लाना है।
अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बताया कि प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से नदी किनारे पौधारोपण, मिट्टी संरक्षण और जल संचयन कार्यों पर भी जोर दिया जा रहा है। साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
सीकर प्रशासन ने भी इस पहल को समर्थन देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जनसहयोग इसी तरह जारी रहा तो नदी पुनर्जीवन की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
कुल मिलाकर, काटली नदी के पुनर्जीवन के लिए चल रहा यह जन अभियान पर्यावरण संरक्षण और जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है।
