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कलाखरी में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रात्रि चौपाल का आयोजन, जिला कलेक्टर ने की अध्यक्षता

 
कलाखरी में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रात्रि चौपाल का आयोजन, जिला कलेक्टर ने की अध्यक्षता

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बुहाना उपखंड में ग्राम पंचायत कलाखरी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कलाखरी में मंगलवार को रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल की अध्यक्षता जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने की।

कार्यक्रम में ग्रामीणों, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और छात्रों ने भाग लिया। चौपाल का उद्देश्य स्थानीय समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने चौपाल में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग और सक्रिय भागीदारी की अपील की।

कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने अपने सवाल और सुझाव जिला कलेक्टर के समक्ष रखे। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यालय परिसर की सुरक्षा जैसी समस्याओं पर चर्चा की। जिला कलेक्टर ने इन सभी मुद्दों को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देने का आश्वासन दिया।

विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि रात्रि चौपाल जैसी पहल ग्रामीण समुदाय और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे न केवल समस्याओं का समाधान आसान होता है, बल्कि ग्रामीणों में सरकारी योजनाओं और नीतियों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं, जिसमें ग्रामीण जीवन और शिक्षा के महत्व को दर्शाया गया। जिला कलेक्टर ने छात्रों की प्रस्तुति की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे शिक्षा और सामाजिक जागरूकता में आगे बढ़ें।

स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि रात्रि चौपाल ने उन्हें अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का अवसर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार जल्द ही ग्राम स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

कुल मिलाकर, झुंझुनूं के कलाखरी में आयोजित यह रात्रि चौपाल प्रशासन और ग्रामीण समुदाय के बीच प्रभावी संवाद का उदाहरण है। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई चर्चा ने स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।