झुंझुनूं में 4 साल 8 महीने की मासूम से दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के दोषी को उम्रकैद: चॉकलेट का लालच देकर ले गया था आरोपी, कोर्ट ने लगाया 1.50 लाख रुपए जुर्माना
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में चार साल आठ महीने की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने 24 वर्षीय आरोपी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 1 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसला पॉक्सो न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश इसरार खोखर ने सुनाया।
चॉकलेट दिलाने के बहाने बच्ची को ले गया था
मामले के अनुसार, आरोपी राजेश उर्फ भोला निवासी पीपली, थाना पिलानी ने बच्ची को चॉकलेट दिलाने का लालच दिया। वह बच्ची को घर के बाहर से बहला-फुसलाकर गांव के बाहर स्थित एक खंडहरनुमा स्कूल में ले गया। वहां उसने मासूम के साथ मारपीट और दुष्कर्म किया।आरोप है कि वारदात के दौरान आरोपी ने बच्ची का गला दबाकर उसकी हत्या करने की भी कोशिश की। इसी बीच बच्ची के परिजन और ग्रामीण उसे तलाशते हुए स्कूल तक पहुंच गए। वहां बच्ची को गंभीर हालत में देखकर उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। समय रहते परिजनों और ग्रामीणों के पहुंचने से बच्ची की जान बच गई।
23 गवाह और 45 दस्तावेज किए पेश
बच्ची के पिता ने 14 अप्रैल 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस थाना पिलानी ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में आरोप पत्र पेश किया।अदालत में राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह भाम्बू ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने मामले में 23 गवाहों के बयान करवाए और 45 दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का विश्लेषण करने के बाद आरोपी को दोषी माना।
आजीवन कठोर कारावास और जुर्माने की सजा
अदालत ने राजेश उर्फ भोला को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं में अन्य सजाएं और जुर्माना भी लगाया गया। कुल जुर्माने की राशि 1 लाख 50 हजार रुपए तय की गई। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ भुगतने का आदेश दिया।
