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खुली जेल से फरार हत्यारा 10 साल बाद गिरफ्तार, बेंगलुरु की पेपर मिल में कर रहा था मजदूरी; गांव लौटते ही पुलिस ने पकड़ा

 
खुली जेल से फरार हत्यारा 10 साल बाद गिरफ्तार, बेंगलुरु की पेपर मिल में कर रहा था मजदूरी; गांव लौटते ही पुलिस ने पकड़ा

खुली जेल से फरार हुए हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने करीब 10 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी फरारी के दौरान बेंगलुरु की एक पेपर मिल में मजदूरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। जैसे ही वह अपने गांव लौटा, पुलिस को इसकी भनक लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसकी फरारी से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

खुली जेल से फरार होने के बाद बदली पहचान

जानकारी के अनुसार, हत्या के मामले में सजा काट रहा आरोपी खुली जेल से फरार हो गया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल लिया और दूसरे शहर में जाकर रहने लगा।

फरारी के दौरान वह बेंगलुरु पहुंच गया, जहां एक पेपर मिल में मजदूरी करके अपना गुजारा कर रहा था। इतने वर्षों तक वह वहीं रहकर काम करता रहा। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उसने अपने पुराने ठिकाने से दूरी बनाए रखी।

गांव लौटते ही पुलिस ने दबोचा

करीब एक दशक तक फरार रहने के बाद आरोपी अपने गांव पहुंचा। पुलिस को उसके गांव आने की जानकारी मिली, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी को लंबे समय से लंबित मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी इन वर्षों में कहां-कहां रहा और उसने फरारी के दौरान किन लोगों से संपर्क बनाए रखा। इसके साथ ही यह भी जांच की जा सकती है कि वह गांव आने से पहले कितने समय से वहां लौटने की योजना बना रहा था।

हत्या के मामले में काट रहा था सजा

आरोपी हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सजा काट रहा था। खुली जेल में रहने के दौरान उसके फरार होने के बाद से उसकी तलाश जारी थी। खुली जेल में कैदियों को निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत अपेक्षाकृत खुला वातावरण दिया जाता है। हालांकि, वहां से फरार होना कानूनी रूप से गंभीर मामला है।

ऐसे मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद फरारी की अवधि और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाती है।

पूछताछ में सामने आ सकते हैं कई तथ्य

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से फरारी के दौरान उसके ठिकानों और गतिविधियों के बारे में पूछताछ कर सकती है। बेंगलुरु की पेपर मिल में उसके काम करने और वहां रहने से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा सकती है।

करीब 10 साल तक फरार रहने के बाद आरोपी का अपने गांव लौटना और वहां से गिरफ्तार होना इस मामले का प्रमुख पहलू है। हालांकि, आरोपी का नाम, हत्या का मामला किस जिले में दर्ज था और गिरफ्तारी की सटीक तारीख जैसी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन विवरणों की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।