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कर्ज लेकर दुबई गए भारतीय युवक बोले- 16 घंटे काम, सोने तक नहीं देते; एजेंट के जाल में फंसने का आरोप

 
कर्ज लेकर दुबई गए भारतीय युवक बोले- 16 घंटे काम, सोने तक नहीं देते; एजेंट के जाल में फंसने का आरोप

बेहतर कमाई और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना लेकर विदेश जाने वाले कई युवाओं को वहां कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। दुबई में नौकरी करने पहुंचे कुछ भारतीय युवकों ने काम के लंबे घंटों और आराम नहीं मिलने को लेकर अपनी परेशानी बताई है। उनका आरोप है कि एजेंट ने उन्हें नौकरी का भरोसा दिलाकर विदेश भेजा, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हालात उम्मीदों से बिल्कुल अलग निकले। युवकों का कहना है कि उन्हें दिन में करीब 16 घंटे तक काम करना पड़ता है और पर्याप्त नींद लेने का समय भी नहीं मिलता।

कर्ज लेकर विदेश पहुंचे, अब बढ़ी परेशानी

बताया जा रहा है कि युवकों ने दुबई जाने के लिए कर्ज लिया था। उन्हें उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी करके अच्छी कमाई होगी और वे धीरे-धीरे अपना कर्ज चुका देंगे। इसी उम्मीद में उन्होंने एजेंट के माध्यम से नौकरी हासिल करने की कोशिश की और विदेश पहुंच गए।

हालांकि, युवकों के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद उन्हें जिन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है, वे बेहद मुश्किल हैं। लंबी ड्यूटी और आराम की कमी के कारण उनका रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। अब उनके सामने एक तरफ नौकरी से जुड़ी परेशानियां हैं, तो दूसरी तरफ विदेश जाने के लिए लिया गया कर्ज चुकाने की चिंता भी है।

रोज 50 मंजिल चढ़ने-उतरने का दावा

युवकों ने बताया कि उनके काम में रोजाना करीब 50 मंजिल तक चढ़ना-उतरना पड़ता है। लगातार शारीरिक मेहनत करने के कारण उन्हें चक्कर आने जैसी परेशानी महसूस होती है। लंबे समय तक काम करने और पर्याप्त आराम नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

यदि किसी कर्मचारी को लगातार शारीरिक श्रम करना पड़े और उसे पर्याप्त आराम न मिले, तो थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में काम के दौरान सुरक्षा, समय पर भोजन, पानी और आराम की व्यवस्था बेहद जरूरी है।

एजेंट पर गुमराह करने का आरोप

युवकों का आरोप है कि नौकरी दिलाने वाले एजेंट ने उन्हें काम की वास्तविक परिस्थितियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी। विदेश जाने से पहले उन्हें बेहतर रोजगार और कमाई की उम्मीद दिखाई गई थी, लेकिन वहां पहुंचने के बाद कथित तौर पर लंबे कामकाजी घंटों और कठिन जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ा।

हालांकि, एजेंट ने वास्तव में क्या वादे किए थे, नौकरी के अनुबंध में क्या शर्तें थीं और संबंधित कंपनी का इस मामले में क्या पक्ष है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इन तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

विदेश जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विदेश में नौकरी करने की योजना बना रहे युवाओं को भर्ती एजेंट की विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए। नौकरी का लिखित अनुबंध, वेतन, ड्यूटी के घंटे, रहने की व्यवस्था, छुट्टियां और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी पहले ही लेनी चाहिए। किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी वैधता की पुष्टि करना भी जरूरी है।

यदि कोई भारतीय नागरिक विदेश में शोषण, वेतन नहीं मिलने या असुरक्षित कामकाजी परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तो वह भारतीय दूतावास या संबंधित आधिकारिक सहायता माध्यम से संपर्क कर सकता है।

फिलहाल, युवकों की पहचान, कंपनी का नाम, नौकरी की प्रकृति और एजेंट के खिलाफ किसी शिकायत की स्थिति की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। युवकों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब मिलने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।