झुंझुनूं में आवारा जानवरों का बढ़ता आतंक, 4 महीनों में सैकड़ों लोग बने शिकार; NRCP रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
राजस्थान के Jhunjhunu जिले में आवारा और हिंसक जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों का सड़कों पर सुरक्षित निकलना भी चुनौती बन गया है। आए दिन आवारा सांड, कुत्तों और अन्य जानवरों के हमलों से लोग घायल हो रहे हैं।
नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम (NRCP) की हालिया रिपोर्ट ने भी स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले चार महीनों (जनवरी से अप्रैल) के दौरान जिले में बड़ी संख्या में लोग आवारा जानवरों के हमलों और काटने की घटनाओं का शिकार हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर और कस्बों की सड़कों पर आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार सांडों के बीच लड़ाई या अचानक सड़क पर आ जाने से सड़क हादसे भी हो रहे हैं। हाल ही में ड्यूटी पर जा रहे एक पुलिस कॉन्स्टेबल की सांड से बाइक टकराने के बाद मौत ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जानवरों के काटने के मामलों में पीड़ितों को समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निकाय और प्रशासन से जल्द प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सड़क हादसों और जानवरों के हमलों की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
