Aapka Rajasthan

ईवीएम ने कराया इंतजार, लोग घंटों परेशान; कई मतदान केंद्रों पर प्रभावित हुई वोटिंग

 
ईवीएम ने कराया इंतजार, लोग घंटों परेशान; कई मतदान केंद्रों पर प्रभावित हुई वोटिंग

राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मशीनों में आई दिक्कतों के चलते कहीं मतदान शुरू होने में देरी हुई, तो कहीं वोटिंग के बीच प्रक्रिया रोकनी पड़ी। मतदान केंद्रों पर वोट डालने पहुंचे लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।

कई जिलों में मशीनों ने दिया जवाब

28 अक्टूबर को पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान प्रदेश के 22 जिलों में वोटिंग हुई। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ था। इस चरण में 22 जिला परिषदों के 352 वार्ड और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्ड शामिल थे। हालांकि, कुछ स्थानों पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर की तिवरी पंचायत समिति के दो मतदान केंद्रों पर ईवीएम की समस्या सामने आई। अजमेर के दो बूथों पर भी तकनीकी खराबी के कारण मतदान करीब 30 मिनट की देरी से शुरू हुआ। झुंझुनूं जिले की सिंघाना पंचायत समिति के मुरादपुर गांव स्थित बूथ संख्या 71 पर पहला वोट पड़ने के बाद मशीन में खराबी आ गई। इसके बाद मशीन बदलकर मतदान दोबारा शुरू कराया गया।

पहले चरण में भी आई थी परेशानी

पंचायत चुनाव के पहले चरण में भी कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम खराब होने की शिकायतें सामने आई थीं। जयपुर के कालवाड़ में एक बूथ पर मशीन में खराबी के कारण करीब 45 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा। वहीं, फलोदी के बाप पंचायत समिति क्षेत्र के एक बूथ पर मशीन खराब होने से लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में रिजर्व ईवीएम लगाकर मतदान शुरू कराया गया।

डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा पंचायत समिति की भीलूड़ा ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 88 पर भी मशीन खराब होने से करीब दो घंटे मतदान बाधित रहा था। वहां सुबह 9:41 बजे मशीन में तकनीकी समस्या आई और रिजर्व ईवीएम उपलब्ध कराने के बाद सुबह 11:50 बजे मतदान दोबारा शुरू हो सका।

मतदाताओं को करना पड़ा इंतजार

ईवीएम में तकनीकी खराबी का सीधा असर मतदान की रफ्तार पर पड़ा। समय पर वोट डालने पहुंचे मतदाताओं को कतारों में इंतजार करना पड़ा। ऐसी स्थिति में बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य मतदाताओं को असुविधा हुई। मशीन खराब होने पर मतदानकर्मियों को संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।

निर्वाचन प्रक्रिया में ईवीएम की तकनीकी स्थिति महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि मशीन में खराबी आने पर मतदान कुछ समय के लिए रुक सकता है। ऐसे मामलों में रिजर्व मशीन उपलब्ध कराकर मतदान फिर शुरू कराया जाता है।

राजस्थान में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। दूसरे चरण के बाद शेष जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए 3 और 14 नवंबर की तारीखें निर्धारित हैं। ऐसे में अगले चरणों में मतदान केंद्रों पर मशीनों की उपलब्धता और तकनीकी व्यवस्था सुचारू बनाए रखना जरूरी होगा।