जिला परिषद चुनाव में महिलाओं का दबदबा, 158 प्रत्याशियों में 89 महिलाएं; कुल उम्मीदवारों में 56.3% हिस्सेदारी
जिला परिषद चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ने चुनावी तस्वीर को खास बना दिया है। जिले के 41 वार्डों में चुनाव लड़ रहे कुल 158 प्रत्याशियों में 89 महिलाएं हैं। यानी कुल उम्मीदवारों मेंमहिलाओं की हिस्सेदारी 56.3 प्रतिशत है। वहीं, पुरुष प्रत्याशियों की संख्या 69 है। इस तरह चुनावी मैदान में महिलाओं की संख्या पुरुषों से 20 अधिक है।
41 वार्डों में 158 प्रत्याशी मैदान में
जिला परिषद के 41 वार्डों में चुनावी मुकाबले के लिए कुल 158 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 89 महिलाएं और 69 पुरुष शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, कुल प्रत्याशियों में महिलाओं की भागीदारी आधे से अधिक है।
यह संख्या जिला परिषद चुनाव में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने से कई वार्डों में मुकाबले की तस्वीर दिलचस्प हो गई है।
पुरुषों से 20 अधिक महिला प्रत्याशी
चुनाव में महिला प्रत्याशियों की संख्या पुरुष उम्मीदवारों से 20 अधिक है। कुल 158 उम्मीदवारों में करीब 56.3 प्रतिशत महिलाएं और 43.7 प्रतिशत पुरुष हैं। इस तरह महिला प्रत्याशियों ने कुल उम्मीदवारों में अधिक हिस्सेदारी दर्ज की है।
चुनावी मैदान में महिलाओं की यह भागीदारी स्थानीय शासन और पंचायत स्तर की राजनीति में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है। जिला परिषद जैसे निकाय ग्रामीण विकास, स्थानीय सुविधाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महिला प्रत्याशियों की भूमिका पर रहेगी नजर
जिला परिषद चुनाव में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखते हुए अब चुनावी मुकाबलों और मतदाताओं के रुझान पर नजर रहेगी। हालांकि, वार्डवार प्रत्याशियों की संख्या, राजनीतिक दलों के अनुसार उम्मीदवारों का विवरण और पिछले चुनावों की तुलना से जुड़े आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
कुल मिलाकर, 41 वार्डों में 158 प्रत्याशियों के बीच होने वाले मुकाबले में महिलाओं की 56.3 प्रतिशत हिस्सेदारी चुनाव की प्रमुख विशेषता बनकर सामने आई है। अब चुनाव परिणाम तय करेंगे कि इनमें से कितनी महिला प्रत्याशी जिला परिषद तक पहुंचने में सफल होती हैं।
