राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर अपराधियों की अब खैर नहीं: संयुक्त पुलिस बैठक में ‘चक्रव्यूह’ प्लान तैयार
राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर बढ़ती अवैध तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। इसी कड़ी में हाल ही में दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपराधियों के खिलाफ ‘चक्रव्यूह’ बनाकर कार्रवाई करने का प्लान तैयार किया गया।
बैठक में सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करों, बदमाशों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर गहन चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने माना कि सीमा का फायदा उठाकर अपराधी वारदातों को अंजाम देकर दूसरे राज्य में शरण ले लेते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बैठक में तय किया गया है कि बॉर्डर पर संयुक्त नाकाबंदी, नियमित पेट्रोलिंग और संदिग्ध वाहनों की सख्त जांच की जाएगी। इसके अलावा खुफिया तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा सके। जरूरत पड़ने पर संयुक्त टीम बनाकर विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि यह कवायद खास तौर पर राजस्थान में होने वाले पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। चुनाव के दौरान अवैध शराब, हथियारों और नकदी की तस्करी बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सीमा पर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
बैठक में दोनों राज्यों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सूचना साझा करने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा आपसी तालमेल से कार्रवाई करने पर जोर दिया। तय किया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साझा की जाएगी, ताकि अपराधियों को भागने का मौका न मिले।
