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कांग्रेस ने 60 में से 51 वार्डों में उतारे प्रत्याशी, 9 सीटों पर नहीं दिया टिकट; पति-पत्नी को भी मौका

 
कांग्रेस ने 60 में से 51 वार्डों में उतारे प्रत्याशी, 9 सीटों पर नहीं दिया टिकट; पति-पत्नी को भी मौका

झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने नगर परिषद के 60 वार्डों में से 51 वार्डों में अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि 9 वार्डों को खाली छोड़ा गया है। कांग्रेस की ओर से जारी सूची में वार्ड 9, 10, 29, 34, 43, 44, 49, 50 और 55 शामिल नहीं हैं। इन वार्डों में पार्टी ने अपना अधिकृत प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है।

नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दौर में कांग्रेस की सूची सामने आने के बाद झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी ने अलग-अलग वार्डों में स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और दावेदारों को मौका दिया है। वहीं, सूची में एक ही परिवार के पति-पत्नी को अलग-अलग वार्डों से टिकट दिए जाने की भी चर्चा है।

51 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी

कांग्रेस ने 60 में से 51 वार्डों में उम्मीदवार उतारकर नगर परिषद चुनाव में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। पार्टी ने वार्डवार सामाजिक और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।जिन 9 वार्डों में टिकट नहीं दिया गया है, वहां अब कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के बिना चुनावी मुकाबला होगा। इन वार्डों में भाजपा, अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।

पति-पत्नी को अलग-अलग वार्डों से टिकट

कांग्रेस की सूची में एक परिवार से पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है। दोनों अपने-अपने वार्ड से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे।नगर निकाय चुनाव में एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग वार्डों से टिकट मिलना कोई नई बात नहीं है। स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ और क्षेत्र में जनसंपर्क को देखते हुए राजनीतिक दल ऐसे परिवारों पर भरोसा जताते रहे हैं। हालांकि, इस फैसले को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

टिकट को लेकर दावेदारों में बढ़ी हलचल

कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद टिकट की उम्मीद लगाए बैठे कई दावेदारों को निराशा भी हाथ लगी है। खासकर उन वार्डों में जहां पार्टी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं, वहां टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका अब महत्वपूर्ण हो सकती है।वहीं, पार्टी की ओर से उम्मीदवार घोषित होने के बाद प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। स्थानीय मुद्दों के साथ मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर रहेगा।

अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव की अंतिम तस्वीर साफ होगी। 60 वार्डों में कांग्रेस के 51 प्रत्याशियों के सामने भाजपा, निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवारों की चुनौती रहेगी। चुनाव परिणाम बताएंगे कि कांग्रेस की यह रणनीति नगर परिषद में सत्ता हासिल करने में कितनी कारगर साबित होती है।