भाजपा ने 60 में से 41 वार्डों में उतारे प्रत्याशी, 19 वार्ड छोड़े; वार्ड 56 के टिकट पर आखिरी दिन विवाद
झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में भाजपा के टिकट वितरण को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा ने 41 वार्डों में अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा की है, जबकि 19 वार्डों में पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। नामांकन के अंतिम दिन वार्ड नंबर 56 के टिकट को लेकर कुछ समय तक असमंजस और विवाद की स्थिति बनी रही।
भाजपा की ओर से अधिकांश वार्डों में प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाने के बाद अब चुनावी मुकाबला तेज होने की उम्मीद है। वहीं, 19 वार्डों में पार्टी की ओर से प्रत्याशी नहीं उतारे जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
वार्ड 56 के टिकट पर आखिरी दिन विवाद
नामांकन के अंतिम दिन वार्ड 56 भाजपा के टिकट को लेकर स्थिति कुछ समय के लिए विवादित रही। पार्टी मुख्यालय से जारी सूची और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के बीच अंतर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही।
बताया जा रहा है कि पार्टी मुख्यालय की सूची में वार्ड 56 के प्रत्याशी को लेकर एक नाम सामने आया था, जबकि स्थानीय स्तर पर टिकट को लेकर अलग जानकारी चर्चा में थी। इसके चलते पार्टी कार्यकर्ताओं और दावेदारों के बीच कुछ समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
नामांकन की समय सीमा नजदीक होने के कारण वार्ड 56 का मामला खासा महत्वपूर्ण हो गया था। पार्टी के अधिकृत दस्तावेज और रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा कराए गए कागजात के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होनी है।
19 वार्डों में भाजपा ने नहीं दिया टिकट
झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा ने 19 वार्डों को खाली छोड़ा है। यानी इन वार्डों में पार्टी का कोई अधिकृत प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं होगा। स्थानीय चुनावों में कई बार राजनीतिक दल चुनावी समीकरण और प्रत्याशियों की स्थिति को देखते हुए कुछ वार्डों में उम्मीदवार नहीं उतारते हैं।
इन 19 वार्डों में अब कांग्रेस, अन्य राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। ऐसे वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
नामांकन के बाद बढ़ी चुनावी सरगर्मी
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव की तस्वीर स्पष्ट होने लगी है। भाजपा के 41 अधिकृत प्रत्याशी अब अपने-अपने वार्डों में प्रचार और जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे। दूसरी ओर टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों के सामने भी आगे की रणनीति तय करने का समय है।
स्थानीय निकाय चुनाव में बागी और निर्दलीय उम्मीदवार कई वार्डों में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। ऐसे में भाजपा के लिए 41 सीटों पर अधिकृत उम्मीदवारों के पक्ष में संगठन को एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी।
अब नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनावी मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर सामने आएगी। इसके बाद झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों में मुकाबला और ज्यादा स्पष्ट हो जाएगा।
