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बगड़ नगरपालिका में वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप, वार्ड बदलने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन; एसडीएम कार्यालय पहुंचे

 
बगड़ नगरपालिका में वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप, वार्ड बदलने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन; एसडीएम कार्यालय पहुंचे

झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्र की बगड़ नगरपालिका में मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है। मतदाता सूची से नाम हटाने और मतदाताओं के वार्ड बदलने के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई पर आपत्ति जताई और मामले की जांच कराने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि नगरपालिका क्षेत्र में मतदाता सूची को अपडेट करने के दौरान कई लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा कुछ मतदाताओं के वार्ड में भी बदलाव किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना उचित जानकारी और प्रक्रिया के इस तरह बदलाव किए जाने से लोगों को आगामी चुनाव में मतदान करने में परेशानी हो सकती है।

मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ने के बाद वे एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी शिकायत अधिकारियों के सामने रखी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची में हुए बदलाव की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा सूची में शामिल किया जाए।

ग्रामीणों ने वार्ड परिवर्तन को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का संशोधन नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। यदि किसी मतदाता का वार्ड बदला गया है तो इसकी जानकारी संबंधित व्यक्ति को दी जानी चाहिए।

एसडीएम कार्यालय पहुंचने वाले ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। उनका कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की शिकायत सुनी गई और मामले की जांच का भरोसा दिलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या वार्ड से संबंधित संशोधन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं। शिकायतों की जांच के बाद यदि किसी स्तर पर गलती सामने आती है तो नियमानुसार सुधार किया जाएगा।

मामले के बाद बगड़ नगरपालिका क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मतदाता सूची से जुड़े मामलों का समाधान नहीं होता, तब तक वे प्रशासन के समक्ष अपनी मांग उठाते रहेंगे।