पिता से कहा था- ‘ऑन ड्यूटी हूं, बिल्कुल ठीक हूं’: अग्निवीर की पूल में डूबने से मौत, पोते को देखकर बेसुध हुई दादी
एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। ड्यूटी पर तैनात अग्निवीर जवान की पूल में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सबसे भावुक कर देने वाला पल तब आया जब शहीद जवान का पार्थिव शरीर घर लाया गया और दादी ने अपने पोते को अंतिम बार देखा तो वह बेसुध होकर गिर पड़ीं।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, जवान अपनी ट्रेनिंग/ड्यूटी के दौरान पूल में अभ्यास कर रहा था। इसी दौरान अचानक वह गहरे पानी में चला गया और बाहर नहीं निकल सका। मौके पर मौजूद साथी जवानों और रेस्क्यू टीम ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
घटना के बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने सैन्य ट्रेनिंग और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिरी बातचीत बनी यादगार
परिवार के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले ही जवान की अपने पिता से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उसने कहा था कि “ऑन ड्यूटी हूं, बिल्कुल ठीक हूं।” किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यह दर्दनाक खबर परिवार तक पहुंच जाएगी।
यह शब्द अब परिवार के लिए एक ऐसी याद बन गए हैं, जो हर किसी को भावुक कर रहे हैं।
घर पहुंचा पार्थिव शरीर, मचा कोहराम
जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे। परिवार के लोग रो-रोकर बेहाल हो गए।
सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब दादी ने अपने पोते को ताबूत में देखा। पहले तो वह कुछ देर तक उसे निहारती रहीं, फिर अचानक बेसुध होकर गिर पड़ीं। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
गांव में शोक की लहर
गांव में हर किसी की आंखें नम हैं। लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन किसी के पास शब्द नहीं हैं। जवान की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए लोग उसे सलाम कर रहे हैं।
जांच की मांग
परिजनों और स्थानीय लोगों ने घटना की जांच की मांग की है ताकि यह पता चल सके कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां हुई। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी उठ रही है।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव और सैन्य समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति बन गया है।
