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Jhunjhunu करोड़ों खर्च करने के बाद भी ई-मित्र प्लस मशीनें बनी शो पीस, नहीं हो रहा इस्तेमाल

 

झुंझुनू न्यूज़ डेस्क, झुंझुनू करीब चार साल पहले करोड़ों रुपए खर्च कर आम आदमी की सुविधा के लिए लगाई गई ई-मित्र प्लस मशीनें धूल फांक रही हैं। जागरूकता और जानकारी के अभाव में मशीनों का उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में ये मशीनें शो पीस बन गई हैं। पिछली सरकार ने इसी को ध्यान में रखकर मशीनें लगाई थीं। सरकारी दफ्तरों में इन मशीनों के लगने से लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. ई-मित्र प्लस मशीन एटीएम की तरह दिखती है। इसमें 32 इंच का एलईडी मॉनिटर डिवाइस, वेब कैमरा, कैश एक्सेप्टर, कार्ड रीडर, मैटेलिक की बोर्ड, रसीद के लिए सामान्य प्रिंटर, लेजर प्रिंटर आदि हैं। मशीन में मौजूद वेब कैमरा से आम नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उच्चाधिकारियों से भी बातचीत कर सकते हैं। .

झुंझुनू बस रोडवेज, एक तहसील, कचहरी परिसर, अटल सेवा केंद्र, जिला परिषद, पंचायत समिति समेत झुंझुनू शहर में कई जगहों पर ई-मित्र प्लस मशीन लगाई गई है. इनमें से रोडवेज बस स्टैंड पर लगी मशीन लंबे समय से खराब पड़ी है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक इसकी सुध नहीं ली है। ई-मित्र प्लस मशीन की आईडी ब्लॉक न हो इसके लिए डीओआईटी के संबंधित कर्मचारी महीने में एक बार जाकर खुद इन मशीनों से लेनदेन करते हैं। इसका भारी प्रचार और जानकारी का अभाव। आम आदमी को अपने विभागीय कार्यों के लिए भटकना पड़ता था। इसलिए राज्य सरकार ने इस मशीन के माध्यम से गिरदावरी, जमाबंदी की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र, बिजली-पानी का बिल जमा करने समेत कई तरह की सरकारी व निजी सेवाएं आधुनिक तकनीक से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. ई-मित्र प्लस योजना पहले भी चलाई जाती थी, लेकिन वह शो-पीस बनकर रह जाती थी।