राजस्थान में परवन परियोजना का काम अटका! 7355 करोड़ खर्च होने के बाद भी 60% निर्माण अधूरा, बढ़ता जा रहा किसानो का इंतज़ार
झालावाड़-बारां और कोटा जिलों के लिए जीवन रेखा मानी जाने वाली परवन मेगा बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण कार्य लगातार विलंबित होता जा रहा है। करीब 7355.23 करोड़ रुपए की लागत से यह सिंचाई परियोजना अगले साल दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत खानपुर तहसील के अकावद कलां में 38 मीटर ऊंचा और 490 मिलियन घन मीटर क्षमता का बांध निर्माणाधीन है। अभी तक बांध की नहरों का 60 फीसदी काम बाकी है। परियोजना का उद्देश्य तीन जिलों के 637 गांवों के 2.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में स्काडा नियंत्रित दबावयुक्त पाइपों के जरिए सिंचाई सुविधा, बिजली उत्पादन और वन्यजीवों के लिए पानी उपलब्ध कराना है। बांध का निर्माण अधूरा होने के कारण इस बार जिले में अच्छी बारिश के बावजूद सारा पानी परवन नदी में व्यर्थ बह रहा है। यदि समय पर काम पूरा हो जाता तो इस बार रबी सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए बड़ी मात्रा में पानी मिल सकता था।
जून तक पूरा होने का दावा
पहले बांध का काम इसी साल जून तक पूरा होना था, लेकिन अब अधिकारी अगले साल जून तक पूरा होने का दावा कर रहे हैं। परवन बांध में कुल 21 ब्लॉक हैं, जिनमें 15 ओवरफ्लो और 6 नॉन-ओवरफ्लो हैं। सभी ब्लॉकों की खुदाई का काम पूरा हो चुका है। ज़्यादातर खुदाई और कंक्रीट का काम पूरा हो चुका है।
नहरों का 60 प्रतिशत काम बाकी
पहले चरण में परवन बांध की बाईं मुख्य नहर में 51.95 किलोमीटर खुदाई का काम पूरा हो चुका है, लेकिन नहरों का 60 प्रतिशत काम अभी बाकी है। खानपुर क्षेत्र में 38 किलोमीटर में 12 तालाब और सांगोद क्षेत्र में 14 किलोमीटर में 7 तालाब बनाए जाने हैं। नहरों से पाइप के ज़रिए तालाब के पंप हाउस तक पानी पहुँचेगा, जहाँ से क्षेत्रवार पाइप लाइनों के ज़रिए किसानों की ज़मीन की सिंचाई की जाएगी।
स्काडा पद्धति से होगी सिंचाई
पहले चरण में खानपुर तहसील के 81 गाँवों और सांगोद तहसील के 48 गाँवों को स्काडा दाब सिंचाई पद्धति से 43159 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। बायीं मुख्य नहर से पाइपलाइन के माध्यम से जलाशयों तक पानी पहुँचेगा।
खाल और नदी में डाला जाएगा पानी
सारोला कलां स्थित मुख्य खाल से खारंड नदी में और दूसरे चरण में फुंगाहेड़ी गाँव स्थित उजाड़ नदी में पानी डालकर क्षेत्र की 45 हज़ार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं, दायीं मुख्य नहर 8.75 किलोमीटर भूमिगत सुरंग से होकर बारां जिले के 89.40 किलोमीटर क्षेत्र तक पहुँचेगी। इससे सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। बाँध का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नहरों का कार्य अभी बाकी है। बारिश के बाद फिर से कार्य शुरू किया जाएगा। सभी कार्य 2026 तक पूरे हो जाएँगे।
