झालावाड़ में पेंशनर्स शिविर रहा बेअसर, सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचने से नाराजगी
राजस्थान के झालावाड़ जिले में पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को ट्रेजरी कार्यालय में आयोजित विशेष शिविर पेंशनर्स के लिए निराशा का कारण बन गया। पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग, कोटा के अतिरिक्त निदेशक के निर्देश पर लगाए गए इस शिविर में अपेक्षित स्तर के अधिकारी मौजूद नहीं रहे, जिससे कई समस्याएं अनसुलझी रह गईं।
जानकारी के अनुसार, शिविर में बड़ी संख्या में पेंशनर्स अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। लेकिन सक्षम अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण अधिकांश मामलों में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। पेंशनर्स ने बताया कि वे अपनी शिकायतें लेकर आए थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पेंशनर्स का कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान के लिए इस शिविर से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन व्यवस्थाओं की कमी के चलते वे निराश होकर लौटने को मजबूर हुए। कई लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया।
शिविर में मौजूद कर्मचारियों ने पेंशनर्स की समस्याएं सुनीं जरूर, लेकिन निर्णय लेने का अधिकार न होने के कारण वे समाधान नहीं कर सके। इससे पेंशनर्स में असंतोष बढ़ गया और उन्होंने भविष्य में इस तरह की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
पेंशनर्स संगठनों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे शिविरों में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।
फिलहाल यह शिविर अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सका और पेंशनर्स को निराशा हाथ लगी।
