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झालावाड़ में भारी बारिश से नेशनल हाइवे तालाब में तब्दील, वाहनों को हो रही कठिनाई

 
झालावाड़ में भारी बारिश से नेशनल हाइवे तालाब में तब्दील, वाहनों को हो रही कठिनाई

झालावाड़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने न सिर्फ जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग 90 को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अकलेरा कस्बे से बारां जिले को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों की आवाजाही में गंभीर दिक्कतें उत्पन्न हो गई हैं।

अकलेरा कस्बे के पास स्थित ईंट भट्टों के समीप हाइवे का लगभग सौ मीटर लंबा हिस्सा गायब हो गया है। तेज बारिश और बाढ़ के पानी के बहाव के कारण सड़क का यह हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। पानी के तेज बहाव के चलते, सड़क के मध्य का बड़ा हिस्सा बह चुका है, जिससे इस मार्ग पर यात्रा करना असंभव हो गया है।

स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए यह सड़क न सिर्फ एक परिवहन मार्ग है, बल्कि रोजमर्रा के कामकाजी जीवन का अभिन्न हिस्सा भी है। लेकिन अब इस स्थिति में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के गहरे गड्ढों में एक फीट तक पानी भर चुका है, जिससे छोटी-बड़ी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए रास्ता बदलना पड़ रहा है, जिससे समय की बर्बादी हो रही है और सुरक्षा की स्थिति भी गंभीर हो गई है।

स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। जलमग्न हिस्सों से पानी की निकासी के लिए पंपिंग सेट लगाए गए हैं, लेकिन कई दिनों से लगातार बारिश की वजह से स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।

हालांकि, बारिश में कमी आई है, फिर भी सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गहरे गड्ढों और बहते पानी के कारण वाहनों के लिए इस मार्ग पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत का अनुरोध किया है ताकि आने-जाने में कोई और समस्या उत्पन्न न हो।

सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में कितने दिन लगेंगे, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। प्रशासन ने यह भी कहा कि वे इस मार्ग की अस्थायी व्यवस्था करने के लिए वैकल्पिक रास्तों पर भी विचार कर रहे हैं।

इस बीच, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इस तरह जारी रहा, तो अन्य मार्गों पर भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे और भी यातायात बाधित हो सकता है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस मार्ग की मरम्मत कर पाता है और स्थानीय लोगों को फिर से सुरक्षित यात्रा की सुविधा कब मिलती है।