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झालावाड़ में किशन सागर तालाब और रैन बसेरा उद्यान का होगा जीर्णोद्धार, पर्यटन केंद्र के रूप में विकास की योजना

 
जिले के कोटा रोड स्थित ऐतिहासिक किशन सागर तालाब और रैन बसेरा उद्यान का जल्द ही जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसको लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।  निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तालाब की संरचना, जलभराव की स्थिति और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक सुधार कार्यों का मूल्यांकन किया। प्रारंभिक रूप से इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है, ताकि इसे एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में बदला जा सके।  प्रस्तावित योजना के तहत किशन सागर तालाब के संरक्षण के साथ-साथ रैन बसेरा उद्यान के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसमें हरियाली बढ़ाने, बैठने की व्यवस्था सुधारने और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की संभावना है।  अधिकारियों के अनुसार, यह स्थल ऐतिहासिक महत्व रखता है और इसके पुनर्विकास से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।  निरीक्षण के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यदि इस क्षेत्र का सही तरीके से विकास होता है तो यह झालावाड़ के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण केंद्र बन सकता है।  फिलहाल विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

जिले के कोटा रोड स्थित ऐतिहासिक किशन सागर तालाब और रैन बसेरा उद्यान का जल्द ही जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसको लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तालाब की संरचना, जलभराव की स्थिति और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक सुधार कार्यों का मूल्यांकन किया। प्रारंभिक रूप से इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है, ताकि इसे एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में बदला जा सके।

प्रस्तावित योजना के तहत किशन सागर तालाब के संरक्षण के साथ-साथ रैन बसेरा उद्यान के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसमें हरियाली बढ़ाने, बैठने की व्यवस्था सुधारने और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की संभावना है।

अधिकारियों के अनुसार, यह स्थल ऐतिहासिक महत्व रखता है और इसके पुनर्विकास से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यदि इस क्षेत्र का सही तरीके से विकास होता है तो यह झालावाड़ के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण केंद्र बन सकता है।

फिलहाल विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।