झालावाड़ में विश्व विरासत दिवस पर “झालावाड़ की अतुल्य विरासत” कार्यक्रम का आयोजन
विश्व विरासत दिवस के अवसर पर शनिवार को झालावाड़ में जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और इंटैक के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में “झालावाड़ की अतुल्य विरासत” विषय पर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य जिले की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और स्थापत्य कला को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना था। इस अवसर पर झालावाड़ की ऐतिहासिक पहचान, प्राचीन स्मारकों और सांस्कृतिक परंपराओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि झालावाड़ न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां की ऐतिहासिक धरोहरें भी इसे विशेष पहचान देती हैं। उन्होंने बताया कि जिले में स्थित प्राचीन किले, मंदिर और स्थापत्य संरचनाएं राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने भी जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विरासत स्थलों के संरक्षण और संवर्धन से न केवल सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को झालावाड़ की ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित प्रस्तुतियां और जानकारी दी गई। इंटैक के प्रतिनिधियों ने भी विरासत संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
अंत में सभी ने मिलकर जिले की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने और उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को जिले की विरासत को समझने और उसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।
