झालावाड़ में कृत्रिम जलाशय परियोजनाओं को लेकर प्रशासन सक्रिय, मोरी और सोयला स्थलों का किया निरीक्षण
राजस्थान के Jhalawar जिले में वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के तहत प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण कृत्रिम जलाशय परियोजनाओं को लेकर प्रशासन ने तेजी से कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इन परियोजनाओं में मोरी (तहसील बकानी) और सोयला (तहसील रायपुर) में बनने वाले कृत्रिम जलाशय शामिल हैं।
इसी क्रम में उच्च अधिकारियों की एक टीम ने दोनों प्रस्तावित स्थलों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और परियोजना की संभावनाओं तथा भौगोलिक परिस्थितियों का विस्तृत आकलन किया। टीम ने जल संग्रहण क्षमता, भूमि की स्थिति और आसपास के क्षेत्रों पर संभावित प्रभावों का अध्ययन किया।
यह प्रस्तावित परियोजनाएं Bakani और Raipur तहसीलों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। इन परियोजनाओं से न केवल भूजल स्तर में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत भी उपलब्ध हो सकेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य परियोजनाओं की व्यवहारिकता की जांच करना और आगे की तकनीकी स्वीकृति प्रक्रिया को गति देना है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि विस्तृत सर्वे रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार की जाए, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।
स्थानीय ग्रामीणों ने इन परियोजनाओं का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि कृत्रिम जलाशयों के निर्माण से क्षेत्र में कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। किसानों का कहना है कि लंबे समय से जल संकट की समस्या से जूझ रहे इन इलाकों में यह परियोजनाएं राहत लेकर आएंगी।
Public Health Engineering Department Rajasthan और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने कहा कि परियोजनाओं को पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जाएगा।
फिलहाल दोनों परियोजनाएं प्रारंभिक चरण में हैं और विस्तृत योजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के बाद ही आगे का कार्य शुरू किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इन जलाशयों के निर्माण से क्षेत्र में दीर्घकालिक जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा।
