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Jhalawar जिले में मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालकों को 3 दिन का दिया प्रशिक्षण, महिलाओं को 60, अन्य को 40 प्रतिशत अनुदान
 

झालावाड़ न्यूज़ डेस्क,झालावाड़ जिले के गुरदीकलां में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन विभाग द्वारा मछली पालकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण में मछुआरों को वर्तमान में चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही मत्स्य पालन शुरू करने और उसमें आने वाली समस्याओं के समाधान के बारे में भी बताया। सरकार की ओर से मत्स्य पालन के लिए 60 प्रतिशत महिलाओं को और 40 प्रतिशत अन्य को दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन विभाग झालावाड़ की ओर से गुरदीकलां में 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जो शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्रशिक्षण में कार्यालय अध्यक्ष ने मछली पालकों को वर्तमान में चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी. वहीं मत्स्य विकास अधिकारी ने मत्स्य पालन शुरू करने और उसमें आ रही समस्याओं के समाधान की जानकारी दी. इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और महिलाओं को योजना के तहत 40 से 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिले के उन गांवों के लोगों को मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जहां बारिश के पानी के रुकने की प्रबल संभावना है. मछली पालन से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। झींगा मछली पालन से होने वाली आय 5 से 6 लाख रुपये प्रति एकड़ है।

मत्स्य विकास अधिकारी तंजीम खान ने कहा कि योजना के तहत विशेष रूप से महिला मछुआरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. प्रशिक्षण में मछली पालन व्यवसाय को रोजगार का साधन बनाने के लिए कई तरह की जानकारी दी गई। भविष्य में भी इन मत्स्य पालकों को अनुदान सहित अन्य कार्ययोजनाओं में सहायता दी जायेगी।