ऋषि पंचमी पर महर्षि जाबालि का किया स्मरण: विनायक मित्र मंडल के गणपति पंडाल में हुआ पूजन, महिलाओं-युवाओं ने अर्पित की पुष्पांजलि
शांतिनगर बी-ब्लॉक कॉलोनी स्थित विनायक मित्र मंडल के गणपति पंडाल में ऋषि पंचमी के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महर्षि जाबालि का स्मरण करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में कॉलोनी के महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि जाबालि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने विधिवत पूजन किया और महर्षि के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। श्रद्धालुओं ने महर्षि जाबालि के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
ऋषि पंचमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कॉलोनी की महिलाओं के साथ पुरुषों और युवाओं की भी भागीदारी रही। सभी ने एक साथ मिलकर पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। गणपति पंडाल में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
आयोजकों ने बताया कि भारतीय परंपरा में ऋषियों और संतों के योगदान का विशेष महत्व रहा है। ऋषि पंचमी के अवसर पर महर्षि जाबालि को याद करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय ऋषि परंपरा और उनके विचारों से परिचित कराना भी है।
दीप प्रज्वलित कर किया पूजन
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने महर्षि जाबालि के चित्र के सामने दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद सभी ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेते हुए सामूहिक रूप से महर्षि का स्मरण किया।
विनायक मित्र मंडल की ओर से गणपति पंडाल में गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ऋषि पंचमी पर महर्षि जाबालि के स्मरण और पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सामाजिक सहभागिता का संदेश
आयोजन में कॉलोनी के लोगों की सामूहिक भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ समाज में आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं।
ऋषि पंचमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने महर्षि जाबालि को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने धार्मिक परंपराओं और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
