राजस्थान में मानसून की सक्रियता जारी, कई जिलों में भारी बारिश, टिब्बी में 127 मिमी बारिश दर्ज
मानसून की सक्रियता के चलते राज्य के कई जिलों में हल्की, मध्यम और भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में असामान्य रूप से बारिश दर्ज की गई।
विशेष रूप से हनुमानगढ़ और दौसा जिले में अतिभारी बारिश हुई, जबकि सीकर, प्रतापगढ़, श्रीगंगानगर, अलवर, सिरोही, जयपुर, जालोर और नागौर जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर रहा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे गर्मी और सूखे से राहत मिली।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सर्वाधिक बारिश टिब्बी (हनुमानगढ़) में दर्ज की गई, जहाँ 127.0 मिमी बारिश हुई। इससे स्थानीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई, लेकिन राहत यह रही कि गंभीर नुकसान की खबर अभी तक नहीं आई है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून की सक्रियता अभी भी जारी रहेगी और आने वाले दिनों में राज्य के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जलजमाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
हनुमानगढ़, दौसा और टिब्बी में बारिश के कारण स्थानीय किसानों में खुशहाली की लहर है, क्योंकि फसलों के लिए पर्याप्त जल प्राप्त हुआ है। हालांकि, जलभराव और ढीली मिट्टी के कारण कुछ स्थानों पर सड़क और पैदल मार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने जल निकासी की व्यवस्था में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं।
सिरोही और अलवर जिलों में बारिश ने जलस्तर बढ़ा दिया है, जिससे नदी और नाले उफान पर हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस चरण में तेज बारिश और जलभराव की घटनाएं सामान्य हैं। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और चेतावनी का ध्यान रखें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
राजस्थान में इस वर्ष मानसून की सक्रियता ने किसानों को राहत दी है, वहीं प्रशासन और नागरिकों के लिए सतर्कता की चुनौती भी बढ़ा दी है। टिब्बी, हनुमानगढ़, दौसा और अन्य जिलों में बारिश की लगातार रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि मानसून अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में सावधानी आवश्यक है।
राजस्थान के विभिन्न जिलों में मानसून की इस सक्रियता ने राज्यवासियों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन भारी और अतिभारी बारिश ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी दबाव डाला है। प्रशासन और नागरिक दोनों को सतर्क रहते हुए मानसून का सामना करना होगा।
