एडीआरएम करनी राम ने किया जालोर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण, विकास कार्यों की ली जानकारी
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) करनी राम ने सोमवार को लूनी-भीलड़ी रेलखंड पर स्थित जालोर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर चल रहे निर्माण और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट भी ली।
निरीक्षण के दौरान एडीआरएम ने स्टेशन परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और सुरक्षा मानकों की स्थिति की बारीकी से जांच की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकता है। इसके लिए पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालय, शौचालय और प्लेटफॉर्म की साफ-सफाई को नियमित रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
एडीआरएम करनी राम ने स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों की तकनीकी स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट मांगी और कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय रेलवे अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही, जिन्होंने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से एडीआरएम को अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
रेलवे प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन विकास कार्यों का उद्देश्य जालोर रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करना है। इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र को बेहतर रेल सेवाएं मिलेंगी।
फिलहाल, एडीआरएम के इस निरीक्षण को रेलवे प्रशासन की सक्रियता और विकास कार्यों में तेजी लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
