राजस्थान हाईकोर्ट का एसआई भर्ती-2021 रद्द फैसले पर केंद्रीय मंत्री शेखावत का बयान, कहा- निर्णय की समीक्षा जरूरी
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा एसआई भर्ती-2021 को रद्द करने के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस फैसले की विस्तार से समीक्षा करने की आवश्यकता है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह से फैसला पढ़ा नहीं है, लेकिन जितने अंश उन्होंने देखे, उनके अनुसार कोर्ट ने यह निर्णय राज्य सरकार पर छोड़ दिया है। मंत्री शेखावत यह बयान जैसलमेर दौरे के दौरान दे रहे थे। उनके स्वागत में पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। इस दौरान क्षेत्रवासियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
जैसलमेर में अपने कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सर्किट हाउस में जिला कलेक्टर प्रताप सिंह और एएसआई विभाग की टीम के साथ बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से प्रोजेक्ट सोनार और सोनार दुर्ग के वैकल्पिक गेट के कार्यान्वयन और संचालन पर चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना के निष्पादन में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि एसआई भर्ती-2021 जैसे मामलों में न्यायालय के फैसले का सम्मान करना आवश्यक है, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग स्थिति का अध्ययन करें और आवश्यक कदम उठाएँ। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार इस मामले में राज्य सरकार के साथ सहयोग करेगी और सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाएगा।
जिला प्रशासन ने भी बैठक में केंद्रीय मंत्री को क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक ढांचे की जानकारी दी। मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सुरक्षा प्रोटोकॉल और नागरिक सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट सोनार और सोनार दुर्ग के वैकल्पिक गेट पर कार्य को प्राथमिकता दें।
विशेषज्ञों के अनुसार, एसआई भर्ती-2021 का मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और इसका प्रभाव सीधे राज्य पुलिस विभाग के कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया पर पड़ता है। मंत्री शेखावत के दौरे और उनके बयान से उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में जल्द ही स्पष्ट दिशा मिल सकती है।
जैसलमेर दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय जनता और अधिकारियों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास और सुरक्षा परियोजनाओं में लगातार सहयोग दे रही है। उनके इस दौरे को प्रशासनिक सुधार और पुलिस विभाग की सुचारु कार्यप्रणाली के लिए सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस तरह, राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बयान और उनके जैसलमेर दौरे ने राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग दोनों के लिए कई महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में समीक्षा और राज्य सरकार के सहयोग से जल्द ही ठोस निर्णय की संभावना है।
