जोधपुर मंडल: रेलवे स्टेशनों पर ‘सेफ्टी अलार्म पॉइंट यूनिट’ से बढ़ेगी सुरक्षा, मानवीय भूल पर लगेगी रोक
रेलवे संचालन में मानवीय चूक या लापरवाही से होने वाले हादसों को रोकने के लिए जोधपुर मंडल ने एक अहम तकनीकी कदम उठाया है। अब ट्रेनों के संचालन और ट्रैक बदलने (पॉइंट सेट करने) के दौरान होने वाली संभावित गलतियों पर नजर रखने के लिए ‘सेफ्टी अलार्म पॉइंट यूनिट’ (SPAU) सिस्टम लागू किया जा रहा है।
इस नई व्यवस्था के तहत जोधपुर मंडल के कुल 112 रेलवे स्टेशनों पर यह सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैक चेंजिंग और सिग्नलिंग से जुड़ी मानवीय भूलों को कम करना और ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कई बार छोटी-छोटी मानवीय गलतियों के कारण गंभीर हादसे या रेल परिचालन में बाधाएं उत्पन्न हो जाती हैं। SPAU सिस्टम इन गलतियों को समय रहते पकड़कर अलर्ट जारी करेगा, जिससे तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
यह तकनीक विशेष रूप से पॉइंट मशीनों और सिग्नल सिस्टम से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखती है। यदि कोई सेटिंग गलत होती है या संचालन में असामान्यता पाई जाती है, तो यह सिस्टम तुरंत अलार्म के माध्यम से संबंधित कर्मचारियों और कंट्रोल रूम को सूचना देता है।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस सिस्टम के लागू होने से ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगा। साथ ही, दुर्घटनाओं की संभावना में भी काफी कमी आएगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह तकनीक आधुनिक रेलवे सुरक्षा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑटोमेशन को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी।
जोधपुर मंडल में इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और जल्द ही सभी चयनित स्टेशनों पर यह सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
रेलवे कर्मचारियों को इस नई तकनीक के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे इसे प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकें और किसी भी अलर्ट पर तुरंत कार्रवाई कर सकें।
कुल मिलाकर, यह पहल रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने और मानवीय त्रुटियों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार माना जा रहा है।
