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जोधपुर बना वॉर ज़ोन! सीमा पर गरजेंगे मिराज-सुखोई फायरिंग रेंज में होगी टारगेट प्रैक्टिस, शहर में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह बंद

 
जोधपुर बना वॉर ज़ोन! सीमा पर गरजेंगे मिराज-सुखोई फायरिंग रेंज में होगी टारगेट प्रैक्टिस, शहर में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह बंद

भारतीय वायुसेना 1 और 2 सितंबर को राजस्थान से सटे सीमावर्ती इलाकों में बड़ा युद्ध अभ्यास करने जा रही है। इसके चलते जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच, रविवार देर रात जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने ड्रोन समेत सभी उड़ने वाली वस्तुओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, बताया जा रहा है कि यह हर महीने होने वाला एक नियमित अभ्यास है। लेकिन, इस दौरान वायुसेना युद्ध क्षमता का अभ्यास और परीक्षण करेगी।

फायरिंग रेंज में निशाना साधेंगे
यह युद्ध अभ्यास राजस्थान की सीमा से सटे जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर से सटे फील्ड फायरिंग रेंज में होगा। बताया जा रहा है कि इसमें ये लड़ाकू विमान फायरिंग रेंज में लक्ष्य साधेंगे। यह युद्ध अभ्यास बाड़मेर और जोधपुर जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य पश्चिमी सीमा पर वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों को परखना और मजबूत करना है। अभ्यास के दौरान लड़ाकू विमान जोधपुर से उड़ान भरेंगे। इसे देखते हुए जोधपुर क्षेत्र में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं के उड़ाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।

राफेल के भी शामिल होने की संभावना

इस अभ्यास में वायुसेना के आधुनिक अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई को शामिल किया गया है। इनके साथ ही वायु रक्षा प्रणालियों और रात में संचालन की विशेष तकनीकों पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। इसमें राफेल के भी शामिल होने की संभावना है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह अभ्यास वायुसेना के नियमित ऑपरेशनल तैयारी कार्यक्रम का हिस्सा है, लेकिन हाल ही में ड्रोन हमलों के ख़तरों को देखते हुए इसका सामरिक महत्व बढ़ गया है।