जैसलमेर पुलिस ने खाकी छोड़ ओढ़े रंग, होली स्नेह मिलन में दिखा मारवाड़ी संस्कृति का रंग
जैसलमेर में बुधवार को होली के पावन पर्व पर एक अनूठा और रंग-बिरंगा नजारा देखने को मिला। आमतौर पर खाकी वर्दी और सख्त अनुशासन में नजर आने वाली जैसलमेर पुलिस इस बार मारवाड़ी संस्कृति के रंगों में रंगी दिखाई दी। स्थानीय पुलिस लाइन में आयोजित ‘होली स्नेह मिलन’ समारोह में पुलिसकर्मियों ने आपसी भाईचारे और उल्लास के साथ त्योहार मनाया।
समारोह के दौरान पुलिस अधिकारी और जवान पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। किसी ने साफा बांधा तो किसी ने धोती-कुर्ता पहनकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। ढोल-नगाड़ों और मंजीरों की थाप पर लोकगीतों की प्रस्तुति दी गई। पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और मिठाई खिलाकर खुशियां बांटीं।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मारवाड़ी लोकगीतों पर समूह नृत्य हुआ, जिसमें अधिकारियों से लेकर जवानों तक ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। माहौल पूरी तरह उत्सवमय और पारिवारिक रहा। सख्त ड्यूटी के बीच इस तरह के आयोजन से पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त होने का अवसर मिला।
वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि होली आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का प्रतीक है। पुलिस परिवार एकजुट होकर समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजन से आपसी समन्वय और टीम भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया गया। पूरे परिसर में रंग, संगीत और हंसी-खुशी का माहौल बना रहा। जैसलमेर पुलिस का यह रूप आमजन के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना, जहां खाकी वर्दी के पीछे छिपा मानवीय और सांस्कृतिक स्वरूप खुलकर सामने आया।
होली स्नेह मिलन समारोह ने यह संदेश दिया कि कर्तव्य के साथ-साथ परंपरा और संस्कृति से जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जैसलमेर पुलिस का यह रंगीला अंदाज शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
