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पोकरण में ड्रोनथॉन-2026 का आगाज, स्वदेशी ‘वायु उत्तम’ ने लाइव ट्रैक की सैन्य और नागरिक ड्रोन्स की लोकेशन

 
पोकरण में ड्रोनथॉन-2026 का आगाज, स्वदेशी ‘वायु उत्तम’ ने लाइव ट्रैक की सैन्य और नागरिक ड्रोन्स की लोकेशन

राजस्थान के पोकरण में ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आयोजन ड्रोनथॉन-2026 का आगाज हुआ। देश में पहली बार आयोजित किए जा रहे इस ड्रोनथॉन में स्वदेशी ड्रोन तकनीक और उससे जुड़ी आधुनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजन के दौरान सैन्य और नागरिक दोनों तरह के ड्रोन्स की गतिविधियों को ट्रैक करने वाली तकनीक ने खास ध्यान खींचा। स्वदेशी सिस्टम ‘वायु उत्तम’ के जरिए अलग-अलग ड्रोन्स की लोकेशन को लाइव ट्रैक किया गया।

पोकरण जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस आयोजन का होना ड्रोन तकनीक के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। वर्तमान समय में ड्रोन का इस्तेमाल केवल निगरानी या फोटोग्राफी तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा, रक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, लॉजिस्टिक्स और अन्य नागरिक क्षेत्रों में भी इनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ड्रोन की पहचान और उसकी वास्तविक समय में लोकेशन की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

ड्रोनथॉन-2026 में स्वदेशी तकनीक के माध्यम से ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। ‘वायु उत्तम’ सिस्टम की मदद से सैन्य और नागरिक श्रेणी के ड्रोन्स की लोकेशन को लाइव देखा और ट्रैक किया गया। इससे ड्रोन संचालन के दौरान एयरस्पेस की निगरानी और स्थिति की जानकारी हासिल करने की क्षमता का प्रदर्शन हुआ।

इस आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य ड्रोन इकोसिस्टम से जुड़ी तकनीकों को एक मंच पर लाना और स्वदेशी समाधानों की क्षमता को सामने रखना है। भारत में ड्रोन निर्माण और ड्रोन आधारित सेवाओं का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। रक्षा क्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और अन्य मिशनों के लिए किया जा रहा है, वहीं नागरिक क्षेत्र में भी इनका उपयोग तेजी से बढ़ा है।

पोकरण में आयोजित ड्रोनथॉन के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित क्षेत्र से जुड़े लोगों को ड्रोन तकनीक की नई क्षमताओं को देखने और समझने का अवसर मिला। लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का प्रदर्शन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि भविष्य में बड़ी संख्या में ड्रोन के संचालन के बीच उनकी गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन एक बड़ी आवश्यकता बन सकती है।

स्वदेशी ‘वायु उत्तम’ के प्रदर्शन से यह भी संकेत मिलता है कि भारत ड्रोन से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी समाधानों के लिए घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ड्रोनथॉन-2026 के जरिए रक्षा और नागरिक दोनों क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के संभावित इस्तेमाल और उससे जुड़ी निगरानी प्रणालियों की उपयोगिता को सामने रखा गया है। आयोजन के आगे बढ़ने के साथ ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में सामने आने वाले नए प्रयोग और स्वदेशी समाधानों पर भी नजर रहेगी।