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रक्षा बजट बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपए हुआ: राजनाथ सिंह बोले- आधुनिक युद्ध के लिए सेना में बदलाव जरूरी, ड्रोन-मिसाइल और एयर डिफेंस से लैस होंगी सेनाएं

 
रक्षा बजट बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपए हुआ: राजनाथ सिंह बोले- आधुनिक युद्ध के लिए सेना में बदलाव जरूरी, ड्रोन-मिसाइल और एयर डिफेंस से लैस होंगी सेनाएं

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत का रक्षा बजट बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने आधुनिक युद्ध की बदलती परिस्थितियों के बीच भारतीय सेनाओं में तकनीकी और रणनीतिक बदलावों को जरूरी बताया। रक्षा मंत्री के मुताबिक, आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में सेना को केवल पारंपरिक हथियारों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक तकनीक से लैस करना होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज के दौर में ड्रोन, मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम और अत्याधुनिक सैन्य तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेनाओं को इन क्षमताओं से मजबूत बनाना जरूरी है। उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण को देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

आधुनिक युद्ध के लिए सेना में बदलाव जरूरी

रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध के तरीके पहले की तुलना में काफी बदल चुके हैं। अब सैन्य अभियानों में तकनीक, सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों और निगरानी प्रणालियों की अहम भूमिका है। ड्रोन के इस्तेमाल ने युद्ध के मैदान में नई चुनौतियां पैदा की हैं। ऐसे में भारतीय सेना को भी अपनी रणनीति, प्रशिक्षण और उपकरणों में बदलाव करना होगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सेनाओं की क्षमता बढ़ाई जाए। इसके लिए आधुनिक हथियारों, तकनीकी संसाधनों और बेहतर रक्षा प्रणालियों की जरूरत है।

ड्रोन और मिसाइल सिस्टम पर जोर

रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारतीय सेनाओं को ड्रोन और मिसाइल तकनीक से मजबूत बनाया जाएगा। आधुनिक युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सैन्य अभियानों में किया जा रहा है। वहीं मिसाइल सिस्टम दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसके साथ ही एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करना भी प्राथमिकता है, ताकि हवाई हमलों और मिसाइल खतरों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर

सेना के आधुनिकीकरण के साथ रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों के विकास को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत में रक्षा उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

रक्षा बजट में बढ़ोतरी से सेना की परिचालन क्षमता, हथियारों के आधुनिकीकरण और रक्षा ढांचे को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, रक्षा बजट के अलग-अलग मदों में आवंटन और खर्च का विवरण मिलने पर यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों को कितनी प्राथमिकता दी गई है।

राजनाथ सिंह के बयान से साफ है कि भारत भविष्य के युद्धों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपनी सेनाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।