जैसलमेर में नागरिकों ने किया 'करो या मरो' आंदोलन के तहत बेजुबानों के संरक्षण के लिए प्रदर्शन
राजस्थान के जैसलमेर में नागरिकों ने रविवार को 'करो या मरो' आंदोलन के बैनर तले बेजुबानों के संरक्षण और उनके अधिकारों के लिए एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देश के 50 प्रमुख शहरों में एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
जैसलमेर के अलावा इस मुहिम में जयपुर सहित अन्य शहरों के निवासी भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर बेजुबानों के लिए जागरूकता फैलाई और उनसे जुड़े समस्या और संरक्षण के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।
आयोजकों ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सामाजिक संदेश पर आधारित था। इसका उद्देश्य लोगों को यह याद दिलाना था कि समाज में बेजुबान जानवरों की सुरक्षा और देखभाल हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले कुत्ते, बिल्ली और अन्य जानवरों की सुरक्षा, उचित भोजन और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
जैसलमेर में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नागरिक, छात्र और पशु प्रेमी शामिल हुए। उन्होंने सड़क मार्गों पर मार्च किया और बेजुबानों के लिए मानवता, दया और जिम्मेदारी का संदेश साझा किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 'करो या मरो' आंदोलन सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि समाज में बदलाव और जागरूकता लाने की पहल है।
इस मुहिम के माध्यम से आयोजकों ने प्रशासन और आम लोगों से अपील की कि वे बेजुबानों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं और उनकी भलाई के लिए नियमित प्रयास करें। प्रदर्शन के अंत में सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी अपनी राह पकड़ी, लेकिन संदेश स्पष्ट था कि समाज में बेजुबानों के अधिकारों और सुरक्षा के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस तरह के आंदोलनों से लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और नागरिक जिम्मेदारी के साथ समाज में बदलाव लाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
