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Jaisalmer जैसलमेर में बसेरा बनाएगा छोटे कान वाला उल्लू ढोली गांव में देखा गया सुंदर गोल आंखों वाला कान वाला उल्लू

 

जैसलमेर न्यूज डेस्क, जैसलमेर इन दिनों प्रवासी पक्षियों के ठहरने और घोसले के लिए सबसे सुविधाजनक और सुरक्षित स्थान बन गया है। सर्दी का मौसम शुरू होते ही जिले के कई इलाकों में प्रवासी पक्षियों का आगमन हो रहा है। जिले के ढोलिया गांव के पास छोटे कान वाला उल्लू (छुट कन्ना उल्लू) पक्षी देखा गया। उल्लू की यह प्रजाति देश के कई हिस्सों में देखी गई है। सितंबर से अप्रैल के बीच ये पक्षी देश के कई खुले स्थानों और घास के मैदानों में प्रवास करते हैं।

दुनिया में घटती संख्या
पक्षी प्रेमी राधेश्याम पेमानी ने बताया कि दुनिया में इस पक्षी की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है। फसलों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों के कारण यह प्रजाति धीरे-धीरे लुप्तप्राय श्रेणी की ओर बढ़ रही है। खेतों के आसपास रहने वाले चूहों के जरिए कीटनाशक इस पक्षी के शरीर में चले जाते हैं, जिससे ये मर जाते हैं।

खतरे से बचने के लिए कान उठाता है
वन्य जीव प्रेमी राधेश्याम पेमानी ने बताया कि ढोलिया गांव के पास देखे गए ये उल्लू मध्यम आकार के उल्लू हैं. इसके सिर पर पंखों के गुच्छे होते हैं जो स्तनधारियों के कानों की तरह दिखते हैं। जब यह पक्षी डर जाता है तो अपने कानों को रक्षात्मक मुद्रा में ऊपर उठा लेता है, अन्यथा इसके कान दिखाई नहीं देते। इसका सिर बड़ा, गर्दन छोटी, पंख बड़े, आंखें बड़ी और पीली, चोंच छोटी, मजबूत और काली और रंग पीला होता है। इस पक्षी का रंग जमीन, घास और वनस्पति के समान होने के कारण यह जमीन पर आसानी से दिखाई नहीं देता है।