जैसलमेर के डांगरी गांव में पुलिस के 400 जवान तैनात, किसान की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण, SP-कलेक्टर मौके पर डटे
जिले के डांगरी गांव में किसान की पीट-पीटकर हत्या के बाद हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है। शुक्रवार को उपजे तनाव के बाद गांव में पुलिस के 400 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए जैसलमेर एसपी और जिला कलेक्टर स्वयं मौके पर डटे हुए हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
हत्या की इस वारदात के बाद गांव में आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर आगजनी कर दी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च शुरू किया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हत्या पूर्व नियोजित थी और पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं कर सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले शिकायतों पर ध्यान दिया गया होता, तो आज यह घटना न होती।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
प्रशासन की सक्रियता:
डांगरी गांव की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी विकास सांदू और कलेक्टर डॉ. तेजराम मीणा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर मुआवजे और सरकारी सहायता को लेकर भी चर्चा की। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ, दंगा नियंत्रण बल (आरएसी) की टुकड़ियां भी मौके पर मौजूद हैं।
इंटरनेट सेवाएं बंद, धारा 144 लागू:
बढ़ते तनाव को देखते हुए गांव और आस-पास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं ताकि अफवाहें फैलने से रोकी जा सकें। इसके साथ ही क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसके तहत चार या अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पाबंदी है।
ग्रामीणों की मांगें:
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आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी
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पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता
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पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
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भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा पुख्ता की जाए
फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा अब भी बना हुआ है। जिला प्रशासन लगातार शांति वार्ता कर रहा है ताकि मामला और न बिगड़े।
डांगरी गांव में किसान की नृशंस हत्या ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीणों के भीतर सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है – ग्रामीणों को न्याय का भरोसा दिलाना और इलाके में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना।
