बीकानेर में महिला बेटियों के साथ लापता, वीडियो में देंखे सुसाइड नोट में घरेलू हिंसा का खुलासा
बीकानेर के छतरगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह 10 बजे एक गंभीर घटना सामने आई। सतासर के पास आरडी 605 के किनारे एक महिला अपने दो बेटियों के साथ लापता हो गई। महिला ने अपने घर से चप्पल, लुगड़ी और ज्वेलरी छोड़ दी। घटना के तुरंत बाद यह आशंका जताई गई कि महिला इंदिरा गांधी नहर में कूदकर आत्महत्या कर सकती है।
स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम ने नहर में महिला और बच्चों की खोजबीन शुरू की। इसके लिए गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है। फिलहाल महिला और बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि खोज अभियान लगातार जारी है और आसपास के इलाकों में भी तलाशी ली जा रही है।
महिला ने घटना से पहले सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने अपने पति और सास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि “मेरा पति और सास मिलकर मुझे रात में पीटते थे। घंटों तक होश नहीं आता था। मैं अपनी बच्चियों को आत्महत्या करने के लिए साथ ले जा रही हूं। मेरी सास शराब की आदी है, मेरी बच्चियों का वारिस कौन होगा?”
महिला ने नोट में यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस से अपील है कि पति और सास के अलावा किसी और को झूठा दोषी न ठहराया जाए, क्योंकि उन्हें ही वह मुख्य रूप से जिम्मेदार मानती हैं। नोट से स्पष्ट होता है कि महिला लंबे समय से घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का शिकार रही है।
स्थानीय लोग और पुलिस दोनों ही इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। पुलिस ने आस-पास के ग्रामीणों और नहर किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि यदि महिला या उसके बच्चों को कहीं देखा जाए तो तुरंत सूचना दें। SDRF और पुलिस की टीम लगातार नहर और आसपास के क्षेत्रों में तलाश कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू हिंसा के ऐसे मामले गंभीर होते हैं और समय रहते हस्तक्षेप करना आवश्यक है। महिला और उसके बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने बताया कि महिला के पति और सास से भी पूछताछ की जा रही है और पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उजागर किया है। नहर जैसे खतरनाक इलाके में लापता होने के कारण महिला और बच्चों की जान खतरे में है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि इस समय घबराने और अफवाह फैलाने से बचें, और पुलिस तथा SDRF टीम के कार्य में सहयोग करें।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि यदि महिला और बच्चे सुरक्षित पाए जाते हैं, तो उन्हें तुरंत चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, महिला और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस निगरानी बढ़ा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक महिला और उसके बच्चों का सुराग नहीं मिलता। इस बीच महिला की सुसाइड नोट में की गई बातों को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसे एक घरेलू हिंसा का गंभीर मामला माना जा रहा है।
