जयपुर में बंदरों के झुंड से बचते समय छत से गिरी महिला की मौत, वीडियो में जाने बेटियों की सगाई की खुशियां मातम में बदलीं
राजस्थान की राजधानी जयपुर में बंदरों के आतंक के चलते एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। परकोटा क्षेत्र के हीदा की मोरी इलाके में बंदरों से बचने की कोशिश में एक महिला दूसरी मंजिल से नीचे गिर गईं। गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद शादी वाले घर में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। मृतका की दो बेटियों की सगाई की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन मां की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
14 अगस्त को होनी थी बेटियों की सगाई
जानकारी के अनुसार, मंडी खटीकान मोहल्ला निवासी सुशीला मल्होत्रा की बेटियों डिंपल मल्होत्रा और पूजा मल्होत्रा की 14 अगस्त को सगाई होने वाली थी। घर में समारोह की तैयारियां चल रही थीं और परिवार खुशी के माहौल में था।लेकिन 22 जुलाई को हुए हादसे ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
कपड़े सुखाने गई थीं छत पर
परिजनों के अनुसार, सुशीला मल्होत्रा 22 जुलाई को घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों का एक झुंड वहां पहुंच गया और उनकी ओर दौड़ने लगा।बंदरों को अपनी तरफ आता देख सुशीला घबरा गईं और खुद को बचाने के लिए पीछे हटने लगीं। इसी दौरान वह दीवार से टकरा गईं और उनका संतुलन बिगड़ गया।
दूसरी मंजिल से सड़क पर गिरीं
संतुलन बिगड़ने के बाद सुशीला दूसरी मंजिल से नीचे सड़क पर जा गिरीं। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।कई प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शादी की खुशियां बदलीं मातम में
सुशीला की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जिन बेटियों की सगाई को लेकर घर में तैयारियां चल रही थीं, वहां अब शोक का माहौल है।परिजनों का कहना है कि बंदरों की बढ़ती समस्या के कारण इलाके के लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
बंदरों के हमलों से बढ़ रही चिंता
जयपुर के कई इलाकों में बंदरों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। आए दिन बंदरों के हमले और घरों में घुसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस हादसे के बाद एक बार फिर शहर में बंदरों की समस्या को लेकर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
