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क्या बजट में जनजाति इलाकों के लिए होगा विशेष पैकेज का ऐलान? राजस्थान सरकार ने मांगा सुझाव

क्या बजट में जनजाति इलाकों के लिए होगा विशेष पैकेज का ऐलान? राजस्थान सरकार ने मांगा सुझाव
 
क्या बजट में जनजाति इलाकों के लिए होगा विशेष पैकेज का ऐलान? राजस्थान सरकार ने मांगा सुझाव

राजस्थान सरकार एक बार फिर बजट की ज़ोर-शोर से तैयारी कर रही है। 2026-27 का बजट फरवरी में पेश किया जाएगा। बजट में आदिवासी इलाकों के लिए खास पैकेज का ऐलान हो सकता है। आने वाले राज्य बजट से पहले राजस्थान सरकार ने आदिवासी इलाकों के विकास को लेकर साफ संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी विकास से जुड़े संगठनों के साथ बजट से पहले चर्चा के दौरान साफ ​​किया कि सरकार न सिर्फ आदिवासी समुदाय के सुझावों को सुनेगी, बल्कि उनका एनालिसिस करके उन्हें बजट में शामिल करने की कोशिश भी करेगी।

मुख्यमंत्री ने सरकार का फोकस बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी संस्कृति राजस्थान की एक अनमोल धरोहर है और इसे बचाकर रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले बजट में आदिवासी कल्याण, आजीविका और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रावधानों को और मजबूत किया जाएगा।

चर्चा के दौरान सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को आदिवासी टूरिज्म सर्किट के तौर पर डेवलप किया जा रहा है, जिससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के मौके भी बनेंगे। सरकार आदिवासी मेलों को बड़ा लुक देने और नई पीढ़ी को आदिवासी इतिहास और संस्कृति से जोड़ने पर भी फोकस कर रही है।

मीटिंग में सुविधाओं को बढ़ाने का भी दावा किया गया
मीटिंग में प्रधानमंत्री जन्म अभियान और धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के ज़रिए आदिवासी बहुल गांवों में घर, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और हेल्थ सुविधाओं को बढ़ाने का भी दावा किया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन योजनाओं से लाखों आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर में बदलाव आया है।

मीटिंग में यह भी साफ किया गया कि पिछले बजट में आदिवासी विकास फंड बढ़ाया गया था, और आने वाले सालों में शिक्षा, हॉस्टल, रेजिडेंशियल स्कूल, खेती और रोजी-रोटी से जुड़े प्रोग्राम को और बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने सब्जी बीज मिनी-किट बांटने और महिलाओं की रोजी-रोटी को बढ़ावा देने जैसी पहलों को अपनी मुख्य उपलब्धियों के तौर पर बताया।

आदिवासी बहुल जिलों के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बजट बनाने की प्रक्रिया में इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।