कौन है भैंस का असली मालिक? दो शख्स में हुआ झगडा, थाने में पहुंचा विवाद तो पुलिस ने लगाई ये तरकीब
कोटा में पुलिस एक भैंस चोरी के मामले में बुरी तरह उलझी हुई है। भैंस मिलने के बाद भी मामला सुलझ नहीं पाया, बल्कि उसके असली मालिक को लेकर झगड़ा हो गया। घटना जिले के कुन्हाड़ी थाना इलाके की है। उसी इलाके के रहने वाले इंद्रजीत केवट और रामलाल मेघवाल के बीच भैंस को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों ने एक ही भैंस पर दावा किया। इंद्रजीत केवट की भैंस करीब चार महीने पहले गायब हो गई थी। उसने उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। इसी दौरान रामलाल मेघवाल की भैंस भी गायब हो गई। फिर इंद्रजीत के बाड़े में एक भैंस दिखी, जिसे उसने अपनी समझकर बांध दिया। इसी बात पर झगड़ा शुरू हो गया।
गुत्थी उलझती गई और पुलिस ने मेडिकल जांच करवाई।
जब रामलाल को इस बारे में पता चला, तो उसने कहा कि भैंस दो दिन पहले खो गई थी। मामला पुलिस थाने पहुंचा और पुलिस ने दखल दिया। पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए मेडिकल जांच कराने का फैसला किया। भैंस की जानवरों के अस्पताल में जांच कराई गई, जिसमें उसकी उम्र का पता चला।
भैंस 5 साल की थी, इंद्रजीत ने कहा 7 साल की।
भैंस 4 से 5 साल की निकली। इंद्रजीत ने कहा कि उसकी भैंस 7 साल की है। इसके बाद पुलिस ने भैंस रामलाल मेघवाल को सौंप दी। उन्होंने इंद्रजीत से अपनी भैंस के बारे में ठोस सबूत भी मांगे।
लेकिन, दोनों पक्ष मेडिकल जांच होने तक अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं थे। दोनों गांववालों के बीच झगड़े को सुलझाने के लिए पुलिस ने दूसरी तरकीब निकाली। दोनों पक्षों ने मंदिर में कसम खाई कि भैंस उनकी है। जब उन्होंने मना कर दिया तो पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
