Aapka Rajasthan

'जहां भेजना है भेज दे वीडियो लंगूर कहीं का', महिला हेड कांस्टेबल ने दिखाया वर्दी का रौब

'जहां भेजना है भेज दे वीडियो लंगूर कहीं का', महिला हेड कांस्टेबल ने दिखाया वर्दी का रौब
 
'जहां भेजना है भेज दे वीडियो लंगूर कहीं का', महिला हेड कांस्टेबल ने दिखाया वर्दी का रौब

बुधवार रात राजस्थान के सिरोही जिले के पिंडवाड़ा शहर के मेन मार्केट में एक महिला हेड कांस्टेबल ने अपनी कार 15 मिनट के लिए सड़क के बीच में पार्क कर दी। वह कार में एक मिठाई की दुकान पर खरीदारी कर रही थी। इससे उसके पीछे गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई और ड्राइवर चिढ़कर हॉर्न बजाने लगे। महिला कांस्टेबल सुमन गरासिया ट्रैफिक पुलिस में तैनात है।

बहस और धमकी
जब एक प्राइवेट बस ड्राइवर ने हॉर्न बजाया, तो महिला गुस्से में कार से बाहर निकल गई। उसने ड्राइवर से पूछा, "क्या तुम्हें लगता है कि यह सड़क तुम्हारी है? अगर तुम्हें जाना है, तो दूसरा रास्ता ले लो।" उसने यह भी कहा, "तुम मुझे नहीं जानते।" जब ड्राइवर ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो महिला ने उसे गाली दी और कहा, "मुझे जहां चाहो भेज दो।"

फिर महिला ने पूछा कि उसकी कार कहां पार्क है। आदमी ने जवाब दिया, "मैं कल वहीं मिलूंगा।" रात में वन-वे ट्रैफिक का हवाला देते हुए, महिला ने उसे दूसरा रास्ता लेने के लिए कहा। ड्राइवर ने उसे डांटा भी।

वीडियो वायरल और जांच
पूरी घटना का वीडियो वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो सिरोही पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन तक भी पहुंचा, लेकिन अभी तक महिला के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है। पूछने पर बताया गया कि जांच चल रही है। पुलिस सुपरिटेंडेंट डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद पिंडवाड़ा के पुलिस सुपरिटेंडेंट भंवरलाल चौधरी को जांच के लिए भेजा गया है।

लोगों का गुस्सा
इस घटना से लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि पुलिस कानून तोड़ने पर दूसरों को सज़ा देती है, लेकिन खुद कानून तोड़ने वालों पर कोई सज़ा या एक्शन नहीं लेती। यह मामला पुलिस की अकाउंटेबिलिटी पर सवाल उठा रहा है, और लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं। क्या पुलिस के अपने लिए अलग नियम हैं?