बीकानेर के युवक के नंबर से पाकिस्तान में चल रहा था वॉट्सऐप: OTP भेजने वाले युवक पर पाकिस्तानी गैंगस्टर गैंग से कनेक्शन का शक
राजस्थान के बीकानेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पाकिस्तान में वॉट्सऐप चलाने के लिए किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि सिम एक्टिव करने के लिए जरूरी OTP बज्जू थाना क्षेत्र के गौड़ू गांव निवासी अनिल कुमार (18) ने कथित तौर पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गैंग तक पहुंचाया था।
मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भारतीय मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसके पीछे कितने लोग जुड़े हुए हैं।
OTP के जरिए एक्टिव हुआ पाकिस्तानी नंबर
जानकारी के अनुसार, बीकानेर निवासी एक युवक के मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में वॉट्सऐप अकाउंट संचालित होने की जानकारी मिली। इसके बाद जांच शुरू की गई तो पता चला कि सिम को एक्टिव करने के लिए जरूरी OTP किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से पाकिस्तान भेजा गया था।
आरोप है कि अनिल कुमार ने यह OTP पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गैंग तक पहुंचाया। इसके बाद संबंधित नंबर पर वॉट्सऐप एक्टिव किया गया।
सुरक्षा एजेंसियां कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस नंबर का इस्तेमाल केवल वॉट्सऐप चलाने के लिए किया गया था या फिर किसी अन्य गतिविधि के लिए भी इसका उपयोग हुआ।
एजेंसियां कॉल डिटेल, मोबाइल रिकॉर्ड और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
युवाओं को लालच देकर इस्तेमाल करने की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े लोग कई बार युवाओं को लालच देकर या भ्रमित कर ऐसे कामों में शामिल कर लेते हैं। मोबाइल नंबर, OTP और अन्य डिजिटल जानकारी साझा करना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा बन सकता है।
पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP या निजी जानकारी साझा न करें।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल मामले में जांच जारी है। एजेंसियां पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में कितने लोग शामिल हैं और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
