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राजस्थान की सियासत में क्या होगा 'महारानी' का अगला दांव? 15 साल के मास्टर प्लान पर हलचल तेज

राजस्थान की सियासत में क्या होगा 'महारानी' का अगला दांव? 15 साल के मास्टर प्लान पर हलचल तेज
 
राजस्थान की सियासत में क्या होगा 'महारानी' का अगला दांव? 15 साल के मास्टर प्लान पर हलचल तेज

झालावाड़ में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। इसकी वजह MP दुष्यंत सिंह की तीन दिन की पदयात्रा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भगवा झंडा लहराकर पदयात्रा शुरू की। उनके बेटे दुष्यंत सिंह के अपने गढ़ झालावाड़ के दौरे खूब चर्चा में हैं। इस "जन संवाद यात्रा" को अब सिर्फ जनसंपर्क कार्यक्रम के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पदयात्रा से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और MP दुष्यंत सिंह ने भगवान नागेश्वर की पूजा की। उसके बाद उन्होंने जैन संतों से आशीर्वाद लिया। वसुंधरा राजे ने कहा कि यह पदयात्रा चारों विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और करीब 90 दिनों तक चलेगी। पहला चरण तीन दिनों का है। इस चरण में MP दुष्यंत सिंह जनता से सीधे बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं को हल करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने युवाओं को मजबूत बनाने और अगले 15 सालों के लिए विकास का रोडमैप बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

राजनीति में राजे क्या संदेश देना चाहती हैं? MP दुष्यंत सिंह की यात्रा कल (15 जनवरी) चौमहला और उन्हेल नागेश्वर मंडल से शुरू हुई। इस यात्रा का सबसे बड़ा पॉलिटिकल सिग्नल यह है कि झालावाड़ में राजे परिवार का असर और एक्टिविज्म बरकरार है। लंबे समय से यह बहस चल रही है कि राजस्थान BJP की पॉलिटिक्स में वसुंधरा राजे का रोल लिमिटेड है। हालांकि, यह यात्रा दिखाती है कि जमीनी लेवल पर उनका असर अभी भी है। दुष्यंत सिंह के साथ पब्लिक में स्टेज शेयर करना भी पॉलिटिकल तौर पर अहम है।

पंचायत चुनाव से पहले की हलचल
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस यात्रा का एक मकसद आने वाले पंचायत और लोकल बॉडी लेवल के पॉलिटिकल चुनावों के लिए ग्राउंड तैयार करना है। पंचायत संवाद और युवाओं को जोड़कर दुष्यंत सिंह भविष्य की पॉलिटिक्स की नींव रखने की कोशिश कर रहे हैं। अगले 15 साल के लिए वसुंधरा राजे का डेवलपमेंट रोडमैप इसी लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी की ओर इशारा करता है। बड़ी संख्या में लोगों, एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों और पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव्स की मौजूदगी ने भी इस यात्रा की पॉलिटिकल अहमियत को और बढ़ा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने जनसभा में दिया दमदार भाषण
जनसभा को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि यह यात्रा राजनीतिक नहीं, बल्कि अपनों से जुड़ने की यात्रा है। उन्होंने कहा कि जब वह MP थीं, तो पदयात्रा के दौरान उनके पैरों में छाले पड़ जाते थे, लेकिन वह कभी रुकीं नहीं। लोगों का आशीर्वाद किसी भी यात्रा की सबसे बड़ी ताकत होता है।

पदयात्रा के लिए बड़ों का आशीर्वाद - दुष्यंत सिंह
MP दुष्यंत सिंह ने कहा, "यह पदयात्रा पंचायत से पंचायत तक जुड़ने का मौका देगी। उन्होंने कहा कि बड़ों का आशीर्वाद और आम लोगों का भरोसा ही इस यात्रा की असली पूंजी है। युवाओं को पार्टी से जोड़कर और सभी 36 बिरादरियों को जोड़कर इलाके के विकास के लिए काम किया जाएगा।"