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भैरव बटालियन क्या है? सेना की नई टुकड़ी के बारे में जानिए 10 बातें

भैरव बटालियन क्या है? सेना की नई टुकड़ी के बारे में जानिए 10 बातें
 
भैरव बटालियन क्या है? सेना की नई टुकड़ी के बारे में जानिए 10 बातें

जयपुर में आर्मी डे के मौके पर इंडियन आर्मी ने अपनी मिलिट्री काबिलियत का शानदार प्रदर्शन किया। इस खास दिन पर पहली बार आर्मी ने दिल्ली कैंट एरिया के बाहर परेड की। यह इतिहास राजस्थान की राजधानी जयपुर में रचा गया। अपने अदम्य साहस और बहादुरी के लिए जानी जाने वाली अलग-अलग आर्मी यूनिट्स ने मार्च पास्ट किया और इंडियन आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन्हें सलामी दी। जयपुर में इस खास आर्मी परेड का मुख्य आकर्षण भैरव बटालियन थी, जो आर्मी की एक नई यूनिट थी। पहली बार इसके जवानों ने आर्मी डे परेड में हिस्सा लिया। आइए जानते हैं भैरव बटालियन के बारे में 10 खास बातें।

भैरव बटालियन एक नई कैटेगरी की बटालियन है जो लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस है। पिछले साल इंडियन आर्मी ने 2025 में अपनी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए तीन नई बटालियन बनाई थीं। ये थीं रुद्र ब्रिगेड, दिव्यास्त्र बैटरी और भैरव बटालियन।

हर भैरव बटालियन में करीब 250 जवान होते हैं। ये सैनिक आर्मी की इन्फेंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और दूसरी सपोर्ट यूनिट्स के लोग हैं। अभी, करीब 15 भैरव सेना बटालियन बनाई गई हैं। इंडियन आर्मी ऐसी 25 बटालियन बनाने का प्लान बना रही है। ये बटालियन इंडियन आर्मी के स्ट्रक्चर का परमानेंट हिस्सा बन रही हैं। भैरव बटालियन खास तौर पर राजस्थान, जम्मू, लद्दाख और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के राज्यों जैसे सेंसिटिव इलाकों में तैनात हैं।

भैरव बटालियन को ऐसे क्रिटिकल ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाता है जिनमें अलग-अलग सिचुएशन में एक्शन की ज़रूरत होती है। इन बटालियन को सरप्राइज अटैक या इमरजेंसी का जवाब देने के लिए ट्रेन किया जाता है। भैरव बटालियन ऐसे ऑपरेशन में हिस्सा ले सकती हैं जिनमें पहले से प्लान किए गए मिलिट्री ऑपरेशन नहीं, बल्कि तुरंत एक्शन की ज़रूरत होती है। भैरव बटालियन के निशान पर एक कोबरा बना है जिस पर लिखा है "भैरव, इनविजिबल, इनविंसिबल"। भैरव बटालियन के टीम कमांडर ने बताया कि यह इमेज एक कोबरा को इसलिए दिखाती है ताकि अगर वह किसी दुश्मन को काट ले, तो उसकी मौत पक्की हो, और इसी तरह, भैरव दुश्मन की मौत है।

भैरव बटालियन का नाम भगवान शिव के रौद्र रूप के नाम पर रखा गया है। बटालियन का मोटो "अभयं भैरव" है, जिसका मतलब है निडर रक्षक। इसके सैनिक "राजा रामचंद्र की जय" और "बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" जैसे पारंपरिक नारे भी लगाते हैं। इंडियन आर्मी के मुताबिक, भैरव बटालियन को "आज रात लड़ने" के लिए बनाया गया था, जिसका मतलब है कम समय में लड़ने के लिए तैयार रहना।

भैरव बटालियन को आर्मी ने अपनी स्पेशल फोर्स, यानी स्पेशल ऑपरेशन में लगी यूनिट और रेगुलर आर्मी के बीच एक पुल का काम करने के लिए बनाया था। इसका मकसद स्पेशल फोर्स को ज़रूरी ऑपरेशन के लिए बचाकर रखना है। भैरव बटालियन इस साल 26 जनवरी को पहली बार रिपब्लिक डे परेड में हिस्सा लेगी। पहली बार इस बटालियन के सैनिक ड्यूटी पर प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू को सलामी देते हुए दिखेंगे।